बिजली चोरी के आरोप में तीन लोगों पर प्राथमिकी, 30 हजार की राजस्व क्षति

बिजली चोरी में 3 परिसर में कारवाई 


कोशी तक /सिंहेश्वर मधेपुरा:- बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिंहेश्वर थाना क्षेत्र में विद्युत विभाग की छापेमारी टीम ने तीन परिसरों में बिजली चोरी पकड़ी है। मामले में तीन नामजद लोगों के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है।

विद्युत विभाग के अनुसार 12 सितंबर को गठित छापेमारी दल ने सबसे पहले सुखासन पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित शेख टोला में मो. नियाज उद्दीन के घरेलू परिसर की जांच की। विभाग का कहना है कि उपभोक्ता संख्या 107309475132 का विद्युत कनेक्शन 22 अप्रैल 2025 को बकाया राशि के कारण काट दिया गया था। इसके बावजूद बिना बकाया जमा किए और पुनः कनेक्शन शुल्क दिए बिना अवैध रूप से 156 वाट बिजली का उपयोग किया जा रहा था। विभाग ने मौके से चोरी में प्रयुक्त पीवीसी तार काटकर हटा दिया। नियाज उद्दीन पर पूर्व से 11,733 रुपये विद्युत बकाया बताया गया है तथा चोरी के मामले में 10 हजार रुपये की राजस्व क्षति का उल्लेख किया गया है।

इसके बाद टीम ने इसी क्षेत्र में मो. माईम के परिसर की जांच की। विभाग के मुताबिक उपभोक्ता संख्या 107100171536 का कनेक्शन भी 22 अप्रैल 2025 को बकाया राशि के कारण विच्छेदित किया गया था। जांच के दौरान बिना बकाया एवं पुनः कनेक्शन राशि जमा किए 216 वाट बिजली का अवैध उपयोग किए जाने की बात सामने आई। विभाग ने यहां से भी पीवीसी तार जब्त किया। मो. माईम पर 44,259 रुपये का पुराना विद्युत बकाया बताया गया है और विभाग ने बिजली चोरी से 10 हजार रुपये की राजस्व क्षति का उल्लेख किया है।

तीसरी कार्रवाई नगर पंचायत सिंहेश्वर के वार्ड संख्या आठ में मस्जिद के समीप कमरूजमा के गैर-घरेलू परिसर में की गई। विभाग के अनुसार उपभोक्ता संख्या 107309556594 का कनेक्शन 15 फरवरी 2025 को बकाया राशि के कारण काटा गया था। इसके बावजूद बिना बकाया एवं पुनः कनेक्शन राशि जमा किए 18 वाट बिजली का अवैध उपयोग किया जा रहा था। मौके से चोरी में प्रयुक्त पीवीसी तार काटकर हटाया गया। कमरूजमा पर 10,872 रुपये का पुराना विद्युत बकाया बताया गया है तथा चोरी के कारण 10 हजार रुपये की राजस्व क्षति का उल्लेख आवेदन में किया गया है।

विद्युत विभाग ने बताया कि तीनों मामलों में जांच-सह-जप्ती सूची के अनुसार चोरी में प्रयुक्त सामान जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा जा रहा है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि बताई गई दंडात्मक राशि में कंपाउंडिंग की राशि शामिल नहीं है। विभाग ने तीनों नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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