शिक्षकों का फूटा आक्रोश: बीआरसी में अवैध वसूली और बिचौलियों के खिलाफ मोर्चा, बीडीओ को सौंपा मांग-पत्र।

अवैध वसुली को लेकर शिक्षकों का गुस्सा, विचौलियो के खिलाफ खोला मोर्चा 


कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- प्रखंड क्षेत्र के शिक्षकों की लंबित समस्याओं और बीआरसी स्तर पर कथित अनियमितताओं को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने बीडीओ सिंहेश्वर को 12 सूत्री मांग-पत्र सौंपकर शिक्षकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाने, बिचौलियों पर रोक लगाने और विभागीय कार्यों में कथित अवैध आर्थिक दोहन को पूरी तरह बंद कराने की मांग की है।

संघ के प्रखंड अध्यक्ष अजय आनंद एवं प्रखंड सचिव निशान्त कुमार ठाकुर ने मांग-पत्र के माध्यम से कहा कि शिक्षक अपने विभागीय कार्यों के निष्पादन के लिए लंबे समय से परेशान हैं। बीआरसी एवं प्रखंड कार्यालय स्तर पर कई कार्य लंबित रहने के कारण शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है।

संघ ने सीधे तौर पर उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा

मांग-पत्र में बीआरसी में कथित अवैध आर्थिक दोहन की व्यवस्था पूरी तरह बंद कराने की मांग की गई है। संघ ने कहा है कि किसी भी विभागीय कार्य के नाम पर शिक्षकों से अवैध राशि की मांग या वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही बीआरसी कार्यालय को भ्रष्टाचार-मुक्त और पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की गई है।

शिक्षकों ने कार्यालयों में दलालों और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई है। संघ का कहना है कि शिक्षकों के विभागीय कार्यों के लिए उन्हें सीधे संबंधित पदाधिकारी या कर्मी से संपर्क की सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि किसी तीसरे व्यक्ति के माध्यम से काम कराने की स्थिति समाप्त हो।

लंबित वेतन से लेकर सेवा-पुस्तिका तक का मुद्दा

संघ ने लंबित वेतन, एरियर, सेवा-पुस्तिका, अवकाश, एचआरए, स्थानांतरण, चिकित्सा अवकाश, नियोजन समेत अन्य विभागीय कार्यों का समय-सीमा के भीतर निष्पादन कराने की मांग की है। निर्धारित अवधि में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित स्तर से विलंब का कारण लिखित रूप से स्पष्ट करने की मांग भी की गई है।

मांग-पत्र में लंबित वेतन एवं अन्य बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने तथा मई 2026 के लंबित मध्याह्न भोजन संचालन मद की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रोत्साहन से वंचित प्रधान शिक्षकों एवं विशिष्ट शिक्षकों के लंबित सेवा-पुस्तिका एवं अभिलेखों पर कार्रवाई कर जिला स्थापना कार्यालय भेजने की मांग की गई है।

छोटे-छोटे काम के लिए बार-बार कार्यालय बुलाना बंद हो’

संघ ने शिक्षकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार आवेदन लेकर कार्यालय बुलाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। मांग-पत्र में कहा गया है कि सेवा अभिलेख, अवकाश एवं अन्य कार्यों से संबंधित आवेदनों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए तथा आवेदन प्राप्त होने पर रसीद अथवा प्राप्ति संख्या अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही शिक्षकों की शिकायतों के लिए अलग और पारदर्शी शिकायत व्यवस्था बनाने तथा शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

प्रशासन को कार्रवाई की मांग, नहीं तो आंदोलन के संकेत

संघ के प्रदेश अध्यक्ष  प्रदीप कुमार पप्पू ने बीडीओ से मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हुआ तो संघ इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाएगा।

संघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताते हुए संघ ने बीआरसी की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और कथित अनियमितताओं से मुक्त कराने की मांग की है।मौके पर शबाना परवीन, सुनील कुमार राम, उमाशंकर दास, महादेव कुमार, संजीव कुमार, संजय कुमार मेहता, संजीव कुमार सिंह, भूषण कुमार, श्री प्रसाद पासवान, अरविंद कुमार, पंकज कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, मो. महमूद आलम, रुद्र नारायण राम, चंद्र किशोर नंदन, रौनक कुमार, इंद्रदेव कुमार, दीपक रजक, नरेश सरदार, किशोर कुणाल, हरे कृष्णा रजक, रंजीत कुमार रमन, पंकज घोष, विजेंद्र यादव, जवाहर भारती, कपिल देव ऋषिदेव, मो. अंजार, रविंद्र कुमार साह सहित कई शिक्षक मौजूद थे।

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