श्रदालुओं की सेवा सच्ची सेवा - डीएम अभिषेक रंजन
कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- श्रावणी मेला को लेकर गुरुवार को बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर स्थित उद्घाटन मंच पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस दौरान सभी अधिकारियों और कर्मियों को समय पर अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर पूरी निष्ठा, अनुशासन और श्रद्धा के साथ दायित्व निभाने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में ड्यूटी लगना सौभाग्य की बात है। श्रद्धालुओं की सेवा ही सच्ची सेवा है। जितना पुण्य पूजा करने से मिलता है, उतना ही पुण्य श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग करने से भी प्राप्त होता है। उन्होंने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार रखें और किसी भी प्रकार का अनावश्यक विवाद या असुविधा उत्पन्न न होने दें।
यातायात डीएसपी ने बताया कि मेला अवधि में नारियल विकास बोर्ड के पास दोपहिया वाहनों को छोड़कर सभी वाहनों का प्रवेश रोक दिया जाएगा। सुपौल एवं पीपरा की ओर जाने वाले वाहन सुखासन रोड होते हुए भेलवा और दुर्गा चौक के रास्ते अपने गंतव्य तक जाएंगे। वहीं दुर्गा चौक से मंदिर की ओर किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं मिलेगा। श्रद्धालु नारियल विकास बोर्ड, दुर्गा चौक, महावीर चौक और धनबाद गेट सहित विभिन्न पार्किंग स्थलों से पैदल मंदिर पहुंचेंगे।
उप समाहर्ता संतोष कुमार ने बताया कि दो माह तक चलने वाले श्रावणी मेले के लिए पूरे मेला अवधि में पुलिस पदाधिकारी एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सात स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने कहा कि श्रावणी मेला जिले की सबसे बड़ी धार्मिक जिम्मेदारी है। बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और दंडाधिकारी पहले भी इस मेले में ड्यूटी कर चुके हैं। उन्होंने सभी कर्मियों को अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर पूरी मुस्तैदी से तैनात रहने और किसी भी परिस्थिति में पोस्ट नहीं छोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ काफी अधिक रहती है। कई श्रद्धालु 60 से 100 किलोमीटर तक पैदल चलकर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लाउडस्पीकर से होने वाली घोषणाओं में भी संयम बरतने और किसी प्रकार का तनाव या आक्रोश पैदा करने वाली घोषणा नहीं करने का निर्देश दिया।
अपर समाहर्ता अरुण कुमार ने कहा कि बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर एक ऐतिहासिक एवं सिद्ध पीठ है, जहां बिहार ही नहीं बल्कि नेपाल सहित दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ पूजा-अर्चना करने आते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 144 स्थानों पर पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
बैठक में मेला की सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और कर्मियों से आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अपील की।
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