बीएनएमयू नॉर्थ कैंपस में 'राष्ट्रनिर्माण में प्राध्यापकों की भूमिका' पर बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित

बीएनएमयू नॉर्थ कैंपस में 'राष्ट्रनिर्माण में प्राध्यापकों की भूमिका' पर बौद्धिक



कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:-  भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के नॉर्थ कैंपस में "राष्ट्रनिर्माण में प्राध्यापकों की भूमिका" विषय पर एक बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "राष्ट्र प्रथम" रहा, जिसमें शिक्षा, राष्ट्र निर्माण और शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ शिक्षकों से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का आह्वान

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में प्राध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना विकसित करने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने का आह्वान किया।


उन्होंने कहा कि शिक्षकों के विचार और संस्कार समाज की दिशा तय करते हैं। यदि शिक्षक राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें, तो देश का भविष्य और अधिक सशक्त एवं समृद्ध होगा।


कार्यक्रम में संघ के सह प्रांत प्रचारक प्रवीर कुमार, सह प्रांत कार्यवाह जीवन कुमार,प्रांत संपर्क प्रमुख विजय सिंह, विभाग सेव प्रमुख जैनेन्द्र कुमार उर्फ राम बाबा, विभाग प्रचारक सुमित कुमार, जिला प्रचारक साहिल कुमार, विश्व हिन्दू परिषद के प्रांतिय मंत्री इंन्दु शेखर, मनोज भगत, संजीव भगत, संग्राम सिंह, पुर्व विधायक आलोक रंजन, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक कुमार, जिला महामंत्री विवेकानंद सिंह, नमो ऐप जिला संयोजक सुभाष चौहान, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष अजित सिंह, योगेंद्र राम, एमडी दिलशाद, मंडल अध्यक्ष राहुल राय, विष्णु शर्मा, रोशन कुशवाहा, राणा प्रताप सिंह, राजा साह, प्रो. अनमोल राय, प्रो. लालन प्रसाद अद्री, मनीष कुमार, मनोज सिंह, सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक, विश्वविद्यालय के प्राचार्य एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाज हित में शिक्षा की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना के विकास के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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