कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- 24 फरवरी सोमवार को कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत दो सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिंहेश्वर का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के दौरान राज्य स्तरीय पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य संस्थान में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन अनुश्रवण किया।
अनुश्रवण के क्रम में राज्य स्तरीय टीम द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाने हेतु कई आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही मानव बल की संख्या में कमी को देखते हुए विभाग से आवश्यकतानुसार मानव बल की मांग करने का आग्रह भी किया गया।
बताते चलें कि कायाकल्प कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष रूप से साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण (इनफेक्शन कंट्रोल), जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निपटारन, अन्य विभागों के साथ स्वास्थ्य विभाग के समन्वय एवं पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान में आने वाले मरीजों एवं वहां कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है।
अनुश्रवण के दौरान राज्य स्तरीय दल द्वारा संस्थान में अधिकृत साफ-सफाई एजेंसी को भी कई आवश्यक निर्देश दिए गए तथा उन निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों एवं मरीजों को संक्रमण से बचाव के उपायों के संबंध में कई आवश्यक सुझाव दिए गए तथा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
राज्य स्तरीय दल में डीसीक्यूए भागलपुर डा. प्रशांत कुमार एवं अर्बन एकाउंट असिस्टेंट भागलपुर कुमारी स्मृति शामिल थीं। दोनों ही सदस्य अनुश्रवण के उपरांत संस्थान की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए।
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. रविंद्र कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक पीयूष वर्धन, प्रखंड लेखपाल अमित सिंह एवं जीएनएम अनिल कुमार, बेबी सुप्रिया, विनोद कुमावत, दीपक कुमार, राकेश कुमार, एएनएम पोरसिया किंडो, विजयलक्ष्मी दीपंकर, प्रीति कुमारी, संजू कुमारी सुरक्षा प्रहरी मिथिलेश कुमार, ऋतुराज कुमार, राकेश कुमार, पप्पू कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।


إرسال تعليق