कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- बाबा नगरी के नगर पंचायत सिंहेश्वर में मंगलवार 20 जनवरी को आयोजित समान एवं सशक्त बोर्ड की बैठक पूरी तरह विवादों में घिर गई, जब आय-व्यय का ब्यौरा नहीं दिए जाने और कथित अपमानजनक टिप्पणी से आहत होकर सात वार्ड पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ और नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
बहिष्कार करने वाले पार्षदों में वार्ड नंबर 01 के शंकर चौधरी, वार्ड नंबर 05 की अर्चना देवी, वार्ड नंबर 07 के बिंदेश्वरी राम, वार्ड नंबर 08 की केली देवी, वार्ड नंबर 09 की नीलू देवी, वार्ड नंबर 11 के आफताब आलम तथा वार्ड नंबर 12 की चांदनी देवी शामिल हैं।
वार्ड पार्षदों का आरोप है कि वे पिछले डेढ़ वर्ष से नगर पंचायत के आय-व्यय का विस्तृत और लिखित ब्यौरा मांग रहे हैं, लेकिन अब तक जानबूझकर जानकारी छिपाई जा रही है। न तो खर्च की पुरी जानकारी दी गई और न ही विभागीय मदों एवं आंतरिक आय के स्रोतों का कोई स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया गया।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि जब बैठक में एक बार फिर आय-व्यय का हिसाब मांगा गया, तो कार्यपालक पदाधिकारी ने कथित तौर पर कहा—
“आप प्रधानमन्त्री हैं क्या, जो मैं आपको भी ब्यौरा दूं।”
इस टिप्पणी के बाद बैठक का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों का कहना है कि यह न सिर्फ जनप्रतिनिधियों का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का भी मजाक उड़ाया गया है।
इससे आक्रोशितों सातों पार्षदों ने बैठक का तत्काल बहिष्कार करते हुए ऐलान किया कि जब तक नगर पंचायत का संपूर्ण आय-व्यय विवरण हार्ड कॉपी में सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी आगामी बोर्ड बैठक में शामिल नहीं होंगे।
पार्षदों ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए मुख्य पार्षद को लिखित आवेदन सौंपा है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी मधेपुरा, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री पटना तथा मुख्यमंत्री बिहार सरकार को भेजी गई है। पार्षदों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर कार्यपालक पदाधिकारी पर कार्रवाई और आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक कराने की मांग की है।
बैठक के बहिष्कार के बाद नगर पंचायत के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि आय-व्यय का हिसाब साफ है, तो उसे जनप्रतिनिधियों से छिपाने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

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