ठिठुरती ठंड में गर्माहट का स्पर्श: लायंस क्लब गम्हरिया की* मानवीय पहल, 40 असहायों के खिले चेहरे


गरीब और निसहाय के बीच कंबल वितरण करते लायंस सदस्य 


कोशी तक/गम्हरिया मधेपुरा:- सर्दी जब अपना कहर बरपा रही हो, तब मानवता की सेवा का जज़्बा ही सबसे बड़ा धर्म बन जाता है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए, लायंस क्लब गम्हरिया ने एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक कदम उठाया है। क्लब द्वारा गम्हरिया प्रखंड की कौड़ी हार तरावे पंचायत के टेरही, वार्ड नंबर 9 में, 40 अत्यंत ज़रूरतमंद और असहाय वृद्ध महिलाओं व पुरुषों के बीच गर्म कंबलों का वितरण किया।

स्थानीय निवासी पीतांबर कुमार के आवास पर आयोजित इस गरिमामई कार्यक्रम ने सेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण पेश किया। ठिठुरते लोगों को जब गर्म कंबल मिले, तो उनके चेहरों पर जो संतोष और खुशी की चमक दिखी, वह अनमोल थी।

सेवा ही सर्वोपरि धर्म: क्लब का अटूट संकल्प

इस अवसर पर, लायंस क्लब के पदाधिकारियों ने अपने उद्बोधन में सेवा भाव के महत्व पर गहराई से प्रकाश डाला। क्लब के सचिव ताहिर हुसैन ने अपने संबोधन में दृढ़ता से कहा, "असहाय और ज़रूरतमंदों की सेवा करना ही लायंस क्लब का सर्वोपरि धर्म है। हम इस मानवीय ज़िम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाते रहेंगे।"

क्लब के कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार प्रभाकर ने इस पुनीत कार्य से मिलने वाली आत्मिक संतुष्टि को शब्दों से परे बताया। उन्होंने कहा, "ठंड के इस मौसम में वास्तविक ज़रूरतमंदों को कंबल ओढ़ाकर जो आत्मिक शांति मिलती है, उसे केवल महसूस किया जा सकता है। उपाध्यक्ष सुनील कुमार और डॉक्टर प्रदीप कुमार ने भी इस नेक पहल में योगदान देने पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को अनवरत जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

समाज से आह्वान: परोपकार की मशाल जलाएं 

सक्रिय सदस्य प्रोफेसर सुरेश कुमार ने इस मंच से समाज के अन्य सक्षम लोगों, संगठनों और दानदाताओं से अपील की कि वे भी ऐसे परोपकारी कार्यों में आगे आएं और मानव सेवा की इस मशाल को प्रज्वलित रखें।

इस हृदयस्पर्शी पहल को सफल बनाने में राजीव कुमार, पिंटू कुमार, विनोद कुमार, पीतांबर कुमार, और "देश की धड़कन" कहे जाने वाले फौजी साहब अनिल कुमार सहित अन्य गणमान्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गौरवपूर्ण बना दिया। सभी उपस्थित लोगों ने लायंस क्लब गम्हरिया के इस मानवीय और संवेदनशील प्रयास की तहेदिल से सराहना की।

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