कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- एक बार फिर सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की कई वर्षों से लोक लुभावन एजेंडा फिर से परोसा गया। ताकि लोगों को लगे न्यास समिति के संचालक जीवंत है। बुधवार को समाहरणालय वेश्म मधेपुरा में न्यास की बैठक में पुर्व की तरह घोषणाओं का आडंबर दिखा। जिसमें बाबा सिंहेश्वर नाथ की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी सिंहेश्वर में श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने और परिसर के व्यापक विकास को लेकर मंदिर न्यास समिति तथा पर्यटन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाने की चर्चा जोर शोर से रही। मंदिर परिसर में रात के समय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अधिक प्रकाश के लिए विगत 3 साल से सिंहेश्वर बाबा मंदिर परिसर में तीन स्थानों पर हाई मास्क लाइट लगाने का निर्णय इस तरह लिया गया जैसे पहली बार इस पर निर्णय लिया गया है। इससे पूर्व डीएम तरणजोत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में चोरी की घटना के बाद मंदिर में बंद शादी विवाह के आयोजन करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा दान में प्राप्त घंटा-घंटी की बिक्री, को छोड़कर अतिक्रमण हटाने, पूजा-भोग के भुगतान, मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैंक एटीएम लगाने की वर्षों पुरानी घोषणा को अभी तक अमली जामा नही पहनाया जा सका है। इस मामले में एक बैंक ने अधिकारी के निर्देश पर एटीएम लगाने के लिए एक एटीएम मंगा भी लिया था लेकिन उसे जगह नहीं दिया गया जिसके बाद वह एटीएम दुसरे जगह स्विफ्ट करना पड़ा। वही हाल कर्मचारियों को वेतन भुगतान के नाम पर लगातार कर्मचारियों को झुनझुना थमाया जा रहा है। जबकि आउट सोर्सिंग में पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है। भोग राग के भुगतान का भी मामल इसी तरह का है। वही कर्माचारियों के स्थान परिवर्तन का मामला भी हर बैठक में उठता है। साथ ही अतिक्रमण खाली कराने का मुद्दा तो बैठक में नही उठा तो बैठक को पुर्ण नही माना जाता है। लेकिन होता ठाक के तीन पात। हालांकि इस बार अस्थाई दुकानदार का भी डाक करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन सदस्य विजय कुमार सिंह ने बताया की मंदिर के मेला जमीन एक माह के लिए बिहार सरकार के अधीन चला जाता है। इस पर डेढ़ के जगह 5 रूपया अस्थाई दुकानदार से पक्की दुकानदार से 3 रूपया के जगह 10 रूपया स्क्वायर फीट लेने का निर्णय लिया गया।
हालांकि बैठक के बाद निर्णयों के आलोक में डीडीसी सह मंदिर न्यास समिति के सचिव अनिल बसाक ने मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। समिति ने पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए पुराने नेपाली नोटों को कन्वर्ट करने का निर्णय भी लिया, जिससे नेपाली भक्तों को सुविधा मिल सके। आन लाइन स्केनर से दान की बंद हो गई सुविधा को फिर से चालु करने का निर्णय लिया गया। वही शिवगंगा की मछली का डाक कराने और मंदिर न्यास में पड़े लकड़ी, लोहा को डाक बिक्री करने का निर्णय लिया गया। सदस्य रोशन ठाकुर ने कहा मंदिर के आय का 20 से 25 प्रतिशत ही कर्मचारी पर खर्च किया जा सकता है। इसलिए जरूरत के आधार पर ही कर्मचारी रखने का निर्णय लिया गया। ताकि न्यास पर अधिभार कम पड़े। साथ सदस्यों ने न्यास में सृजित पद के अनुसार ही कर्मचारी रखने का सुझाव दिया।
बैठक में डीडीसी के अलावा ओएसडी संतोष कुमार, डीटीओ निकिता, सीओ नवीन कुमार सिंह, मंदिर न्यास समिति के कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार खंडेलवाल, सदस्य योग नारायण राय, डॉ. जवाहर पासवान, स्मिता सिंह, हरेंद्र मंडल एवं प्रबंधक भवेश कुमार, बाल कृष्ण यादव, सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।



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