मधेपुरा।
मधेपुरा लायंस क्लब के तत्वाधान डेंटल कैम्प का आयोजन किरण
पब्लिक स्कूल मधेपुरा में किया गया। कैम्प का आयोजन लायंस क्लब के दंत चिकित्सक
डॉ. गोपाल एवं डॉ. प्रवीण के द्वारा किया गया। कैंप के दौरान दर्जनों बच्चों का
दंत जांच किया गया वहीं आने वाले समय में दांत से होने वाली बीमारी के खिलाफ हेल्थ
टिप्स दिये गये। डेंटिस्ट डॉ. गोपाल ने बताया कि दांतों की सड़न, जिसे लोकप्रिय रूप से कैविटीज़ या क्षय भी कहा जाता है। बचपन
की सबसे आम बीमारियों में से एक है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चे के बड़े
होने पर उसकी स्कूली शिक्षा, शारीरिक और
मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना होता है। माता-पिता अक्सर बच्चों के दंत चिकित्सक
से पूछते हैं कि वे अपने बच्चे की मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठा
सकते हैं। उन्होंने कहा कि दांत क्षय वह क्षति है जो दांत को तब होती है जब मुंह
में बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं जो दांत के इनेमल को खा जाते हैं। चूंकि इनेमल
दांतों की सुरक्षात्मक बाहरी परत होती है, एक बार जब
सुरक्षात्मक परत पर हमला हो जाता है, तो दांतों
को नुकसान होने लगता है। डॉ. प्रवीण बताते हैं कि दांतों का सड़ना एक
बहुक्रियात्मक रोग है। बच्चे के आयु वर्ग के आधार पर, दांतों की सड़न के कारण थोड़े भिन्न हो सकते हैं। चूंकि छोटे
बच्चों की खान-पान की आदतें शिशुओं से छोटे बच्चों और छोटे बच्चों तक जाते-जाते
तेजी से विकसित होती हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों में आहार इस बात में बड़ी
भूमिका निभाता है कि उनके दांतों में सड़न होने की आशंका है या नहीं। यदि आपके
बच्चे के आहार में उच्च मात्रा में परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट या शर्करायुक्त, चिपचिपा खाद्य पदार्थ शामिल हैं, तो उसके दांतों में सड़न होने का खतरा अधिक है। सिपर कप या
दूध की बोतलें, मीठे पेय, जूस या सोडा के लगातार उपयोग से दांतों में सड़न हो सकती है।
खाद्य पदार्थों में चॉकलेट, कैंडी, केक, लड्डू, चीनीयुक्त अनाज और ब्रेड का अधिक सेवन दांतों में सड़न पैदा करता
है। फ्लोराइड की कमी से भी दांत खराब हो सकते हैं । फ्लोराइड एक प्राकृतिक रूप से
पाया जाने वाला खनिज है जो दांतों के इनेमल को बढ़ाता है, जिससे दांतों की सुरक्षात्मक परत मजबूत होती है। मौजूद लोगों
का स्वागत करते हुए प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश ने कहा कि आज के समय में बच्चों के
लिए दांतो की सुरक्षा बहुत अहम है। मौके पर लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ. आरके पप्पू, सचिव डॉ. संजय, डॉ एसएन
यादव, मनीष सर्राफ़, डॉ. अरुण, बबलू सिंह के अलावा विद्यालय प्रभारी मुकेश झा, किशोर कुमार, संतोष कुमार, हरि नारायण यादव, सीएस पांडेय
, अनिल कुमार, सूरज कुमार
सहित सभी छात्र छात्राएं एवं शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।
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