एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन पाने वाला
मधेपुरा सदर अस्पताल बना कोसी का पहला व बिहार का 10वां जिला
मधेपुरा।
मधेपुरा सदर अस्पताल एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन (नेशनल क्वालिटी
एश्योरेंस स्टैंडर्ड) मिला है। यह शोहरत हासिल करने वाला सदर
अस्पताल कोसी प्रमंडल का पहला व बिहार का 10वां जिला बन गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
मंत्रालय ने मधेपुरा सदर अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाण-पत्र जारी किया है। मालूम हो
कि सदर अस्पताल का गत अगस्त में केंद्रीय टीम द्वारा मूल्यांकन किया गया था। इस
बाबत सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीके यादव ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं
परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सेवाओं के मूल्यांकन में सदर अस्पताल को मेटरनिटी
ओटी में 93 प्रतिशत और लेबर रूम में 91 प्रतिशत
अंक प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन का उद्देश्य
अस्पतालों की सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य
सुविधा पहुंचाना है। इस बाबत अस्पताल प्रबंधक नवनीत चंद्र ने बताया कि जिला
अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए इसे एनक्यूएएस के
मानकों के अनुरूप बनाने की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। कड़ी मेहनत व नियमित
कार्य संस्कृति के बाद यह सफलता हमलोगों को मिली है। इसके तहत सदर अस्पताल में
सुविधाएं बढ़ाने को लेकर कई काम किए जा रहे हैं। इस बाबत डॉ. पीके यादव ने कहा कि यह
टीम वर्क का कमाल है। आज सदर अस्पताल में वो सारी सुविधा है जो अन्य किसी बड़े निजी
अस्पताल में होती है। हमारे यहां की बड़ी खासियत है कि काफी दक्ष सर्जन के अलावा
अनुभवी व मरीज के प्रति काफी जिम्मेदार कर्मी हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी
व्यक्ति इलाज करवा कर आकलन कर सकते हैं कि अन्य अस्पताल व मधेपुरा सदर में क्या
अंतर है। बेहतर इलाज की वजह से ही विगत एक साल से मधेपुरा ही नहीं सहरसा, सुपौल व खगड़िया तक के मरीज यहां ऑपरेशन के लिए आ रहे हैं।
यह प्रमाण पत्र के लिए कई मानकों से गुजरा सदर अस्पताल:::::
संस्था द्वारा सेवा
प्रदायगी, मरीज संतुष्टि, क्लिनिकल
सर्विसेस, इनपुट, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सर्विसेस, गुणवत्तापूर्ण
प्रबंध, आउटपुट जैसे मानकों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाता है।
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी
कैमरे, डाक्टरों की संख्या आदि के आधार पर अस्पतालों का सर्टिफिकेशन
करती है। क्लीनिकल सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ, पेशेंट वेटिंग एरिया, अस्पताल में वेंटिलेशन, प्रति बेड
डॉक्टर और नर्स की संख्या, ओटी में तीन अलग-अलग जोन हैं या
नहीं, एयर फिल्टर, तापमान, इंफेक्शन कंट्रोल के उपाय, ऑपरेशन में
प्रोटोकाल का पालन, डॉक्टर व स्टाफ को इंफेक्शन
कंट्रोल के बारे में जानकारी, मरीज को
इलाज में कितना समय लगा आदि। इन बिंदुओं पर आंकलन करने के बाद ही मूल्यांकन दल
द्वारा अंक दिए जाते हैं।
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