अनंत के रंग में रंगी बाबा नगरी, श्रद्धा से बंधा संकटमोचक अनंत सूत्र। पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा के बीच विधि-विधान से हुई अनंत भगवान की पूजा

धूमधाम से मना अनंत की पुजा, बांधे 14 गांठ का अनंत 



कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- ‘ॐ अनंताय नमः’ के जयघोष और भक्ति के वातावरण के बीच शुक्रवार को बाबा नगरी सिंहेश्वर में अनंत भगवान की पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही नगर के विभिन्न हिस्सों में अनंत पूजा की धूम रही। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान अनंत की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा की कामना की।

नगर पंचायत सिंहेश्वर के मुख्य बाजार में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही परंपरा के अनुसार शशी नाथ साह के किराना प्रतिष्ठान में अनंत भगवान की विशेष पूजा की गई। पूजा से पहले दुकान को शुद्ध पानी से धोकर गंगाजल से पवित्र किया गया। इसके बाद आसपास के बाजार वासियों ने अपने-अपने घरों से पूजा और प्रसाद से सजे थाल लेकर अनंत भगवान की पूजा में भाग लिया।

करीब दो घंटे तक चली विधिवत पूजा में पुजारी पलट झा ने यजमान सुबोध गुप्ता और उनके परिजनों के साथ पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ भगवान अनंत का स्मरण किया। पूजा के बाद सभी श्रद्धालुओं के थाल से प्रसाद को एक साथ मिलाकर महाप्रसाद तैयार किया गया। इसे अनंत सूत्र के साथ श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया।

14 गांठ वाला अनंत सूत्र बना आस्था का प्रतीक

महाप्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान अनंत की पूजा कर 14 गांठ वाले अनंत सूत्र को हाथ में धारण किया। मान्यता है कि यह अनंत सूत्र संकटों से रक्षा और जीवन में सुख-शांति का प्रतीक है। श्रद्धालुओं ने परिवार की मंगलकामना के साथ श्रद्धापूर्वक अनंत सूत्र बांधा।

बाबा मंदिर में भी गूंजे अनंत भगवान के जयकारे

बाबा सिंहेश्वर मंदिर में भी विभिन्न स्थानों पर अनंत भगवान की पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के मंडप पर पुजारी शंकर ठाकुर उर्फ रधु बाबा ने विधि-विधान से कलश स्थापित कर अनंत भगवान की पूजा कराई। बड़ी संख्या में सिंहेश्वर वासियों ने पूजा में शामिल होकर भगवान अनंत का आशीर्वाद लिया।

इस दौरान पुजारी प्रेम जी पंडा उर्फ प्रेम बाबा, निलांबर ठाकुर, मोहन ठाकुर, सक्षम ठाकुर, मुन्ना ठाकुर और संतोष ठाकुर ने भी विभिन्न स्थानों पर अनंत भगवान की पूजा-अर्चना कराई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं को पूजित अनंत सूत्र प्रदान किया गया, जिसे उन्होंने श्रद्धा के साथ धारण किया।

पांडवों से जुड़ी है अनंत व्रत की मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब पांडव जुए में अपना राज-पाट हारकर वनवास के दौरान अनेक कष्ट झेल रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनंत चतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी। धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों और द्रौपदी के साथ विधि-विधान से अनंत व्रत किया और अनंत सूत्र धारण किया। मान्यता है कि इसके प्रभाव से पांडवों को संकटों से मुक्ति मिली और उनके जीवन में सुख-समृद्धि लौटी।

अनंत पूजा के अवसर पर  आयुष कुमार भगत, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, शशी नाथ गुप्ता, अमर गुप्ता,जीत प्रकाश गुप्ता, दीपक भगत, पिंटू चौधरी, अनील भगत, सुनिल भगत, पंकज गुप्ता, हेमंत कुमार चंदन, प्रशांत कुमार, निखिल गुप्ता, सतीश गुप्ता, स्मृति गुप्ता, अनुसा गुप्ता, मीरा गुप्ता, मनोज भगत, राजेश कुमार बबलू सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान बाबा नगरी भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आई।

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