श्रावणी मेला: बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की समय-सारिणी तय, पंडा समाज की समस्याओं पर भी हुई चर्चा

बाबा मंदिर का पट खुलने और बंद होन का समय तय 



कोशी तक /सिंहेश्वर मधेपुरा:- श्रावणी मेला 2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर शनिवार को बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर में सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति और पंडा समाज के पुजारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, पूजा-पद्धति की व्यवस्था तथा पंडा समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में पंडा समाज ने मंदिर में गर्भगृह को छोड़कर की गई बैरिकेडिंग से हो रही परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। पुजारियों ने कहा कि पिछले दो वर्षों से श्रावणी मेला के दौरान उनकी पारंपरिक सेवा और आजीविका प्रभावित हुई है। उनका कहना था कि सावन माह की आय से ही कई परिवारों का लगभग छह महीने तक भरण-पोषण होता रहा है। पंडा समाज ने अपनी ओर से अमरनाथ ठाकुर उर्फ लाल बाबा को प्रतिनिधि नियुक्त कर अपनी बातें न्यास समिति के समक्ष रखीं।

बैठक में मंदिर की धार्मिक परंपराओं को और अधिक व्यवस्थित बनाने पर सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि बाबा सिंहेश्वरनाथ के भोग, आरती और मंदिर खुलने-बंद होने का समय निर्धारित रहेगा, ताकि श्रद्धालु तय समय पर दर्शन-पूजन कर सकें और किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निर्धारित समय के अनुसार सामान्य दिनों में ब्रह्ममुहूर्त में सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद सुबह 4:00 से 5:00 बजे के बीच मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं श्रावणी सोमवार को श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए रविवार की रात्रि एवं सोमवार की सुबह सरकारी पूजा के बाद प्रातः 3:00 से 3:30 बजे के बीच मंदिर का पट खोलने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे बाबा का भोग एवं आरती होगी तथा दोपहर 2:00 बजे तक मंदिर का पट बंद रहेगा। वहीं रात्रि 8:30 से 9:30 बजे तक भोग एवं आरती संपन्न होने के बाद मंदिर बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद रात्रि में मंदिर नहीं खोला जाएगा।

बैठक में यह भी कहा गया कि समयबद्ध व्यवस्था लागू होने से श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा में सुविधा होगी, वहीं मंदिर की धार्मिक परंपराएं भी व्यवस्थित रूप से संचालित होंगी। बैठक के बाद पंडा समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे श्रद्धालुओं और मंदिर व्यवस्था दोनों के हित में बताया। उन्होंने सोमवार और विषेश अवसर पर जो पुजारी सुबह 3 बजे नही आ सकेंगे। वह 5 से 6 मंदिर में बाबा का पुजा कैसे करेंगे। इसकी भी व्यवस्था होनी चाहिए। सावन में पंडा समाज के पेट पर लात पड़ने के कारण पंडा समाज को 5-5 लाख 14 परिवार को मिलना चाहिए।


बैठक में न्यास समिति के कोषाध्यक्ष दिलीप खंडेलवाल, प्रबंधक भवेश कुमार, अमरनाथ ठाकुर उर्फ लाल बाबा, हरेंद्र मंडल, योग नारायण पटेल, रौशन ठाकुर, अमरनाथ ठाकुर, अभिमन्यु कुमार तथा पंडा समाज की ओर से सत्येंद्र ठाकुर उर्फ बचनु बाबा, गिरजा ठाकुर, शंकर ठाकुर उर्फ रघु बाबा, कलानंद ठाकुर, नवीन ठाकुर, सुधीर ठाकुर, निलांबर ठाकुर, विद्यानंद ठाकुर, वेदानंद ठाकुर, उमा नंद ठाकुर, हीरानंद ठाकुर, शंभु ठाकुर, दीपक ठाकुर, पंकज ठाकुर, संतोष ठाकुर, मुरारी ठाकुर, अरविंद ठाकुर, भगवान ठाकुर, ललन ठाकुर, सहित अन्य पुजारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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