ब्राह्मण समाज की बैठक, ब्राह्मणों की उपेक्षा चिंताजनक
कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- सामाजिक और राजनीतिक रूप से ब्राह्मणों की लगातार की जा रही उपेक्षा से अब मुक्ति पाने का समय आ गया है। आज के समय में चाहे वह सामाजिक रूप हो या फिर राजनीतिक, ब्राह्मणों के प्रति जबरन दुराग्रह का भाव पैदा कर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि अधिकांश ब्राह्मण समाज आज भी न सिर्फ बहुत गरीबी में जी रहे हैं, बल्कि वह स्थिति इस स्थिति में भी नहीं है कि अपना दुख-दर्द किसी से सार्वजनिक रूप से बयां कर सके। ऐसी ही सामाजिक और राजनीतिक विषमताओं को दूर करने के उद्देश्य से सिंहेश्वर प्रखंड मुख्यालय स्थित एक होटल में मंगलवार को ब्राह्मण समाज की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के संस्थापक आशीष कुमार उर्फ बब्बू झा ने की। बैठक में सामाजिक एकजुटता, संगठन की मजबूती और समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
लोकमंच का किया गया गठन
बैठक में सर्वसम्मति से 'लोकमंच' के गठन का निर्णय लिया गया। साथ ही तय किया गया कि लोकमंच में बैनर तले 25 अगस्त को मधेपुरा में जिला स्तरीय ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में जिलेभर के ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
अधिकांश ब्राह्मण मजदूरी करने को विवश
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर स्वच्छ, सुरक्षित और संस्कारित सामाजिक वातावरण बनाने के लिए सभी लोगों को मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा। उन्होंने नई पीढ़ी को बेहतर संस्कार और सही मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया। वक्ताओं ने समाज की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जनसंख्या के अनुपात में ब्राह्मण समाज की सरकारी संस्थाओं और निर्णय लेने वाली व्यवस्थाओं में भागीदारी अपेक्षाकृत बहुत कम है। उनका कहना था कि समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। जबकि, देशभर में ऐसा माहौल खड़ा किया जा रहा कि ब्राह्मणों के पास ही सबकुछ है। सच्चाई जानने के लिए लोगों को ब्राह्मणों के गांव - मोहल्ला में जाकर देखना चाहिए। बिहार में ही देखें तो लाखों ब्राह्मण परिवार दो जून की रोटी के लिए दिल्ली पंजाब, कोलकाता, मुंबई आदि शहरों में दिहाड़ी मजदूरी तक कर रहे हैं।
स्कूली शिक्षा में नहीं मिल रहा ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ
बैठक में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का समुचित लाभ नहीं मिल पाने से कई योग्य छात्र अवसरों से वंचित हो रहे हैं। इस दिशा में केंद्र सरकार और सवर्ण आयोग से प्रभावी पहल की मांग की गई। बैठक में समाज को संगठित करने, युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अंत में आगामी जिला स्तरीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। मौके पर उदाकिशुनगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि टीपू मिश्रा, पूर्व मुखिया राजेश झा, पूर्व मुखिया प्रमोद मिश्रा, डॉ. सुमन झा, ललित मिश्रा, नन्दन ठाकुर, संजीव मिश्रा,गोविंद चौधरी, डॉ. सुमन झा, पप्पू झा, बच्चन झा, गंगेश झा, निशिकांत झा, मंजित झा, रोहित झा, धीरज झा, ब्रजेश झा, गौरव झा, बिजेन्द्र झा, चंदन झा आदि मौजूद थे।
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