एएसपी प्रवेंद्र भारती ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस
कोशी तक/ शंकरपुर मधेपुरा:- मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना परिसर में खुद को आग लगाने का प्रयास करने वाली नाबालिग पीड़िता के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई गंभीर खुलासे हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 28 जनवरी 2026 को पीड़िता के पिता शंभु यादव द्वारा अपनी पुत्री के माध्यम से ग्रामीण रौशन कुमार एवं अन्य के विरुद्ध गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला महिला थाना कांड संख्या 03/26, दिनांक 28.01.2026 के रूप में दर्ज है। पुलिस ने उस मामले में मुख्य आरोपी रौशन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तथा उसके विरुद्ध आरोप पत्र भी समर्पित कर दिया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में दिए गए बयान में प्राथमिकी के आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि उसने अपने पिता के दबाव में आकर मामला दर्ज कराया था। बयान से यह भी स्पष्ट हुआ कि युवती रौशन कुमार से प्रेम करती थी। इसी बात को लेकर उसके पिता और भाई उससे नाराज चल रहे थे।
बताया जा रहा है कि घटना से एक-दो दिन पहले पीड़िता ने रौशन कुमार को जेल से छुड़ाने के लिए उसके पिता के एक परिचित से बातचीत की थी। इसकी जानकारी मिलने पर पिता और भाई ने कथित रूप से युवती के साथ मारपीट की और उसे रास्ते से हटाकर रौशन कुमार के परिवार को फंसाने की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि रात में ट्रैक्टर से डीजल निकालकर पीड़िता को यह कहकर घर से ले जाया गया कि उसे रौशन कुमार के चाचा के घर छोड़ा जाएगा। इसके बाद उसके हाथ बांधकर रौशन कुमार के घर के पीछे ले जाया गया और उसके शरीर पर डीजल छिड़क दिया गया। पुलिस का कहना है कि योजना यह थी कि युवती को वहीं जलाकर हत्या कर दी जाए ताकि आरोप रौशन कुमार के परिवार पर लगे।
हालांकि आसपास के कुछ लोगों की नजर पड़ने पर दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। सुबह स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को बरामद कर थाना लाई। पुलिस के अनुसार युवती के शरीर से तेल की गंध आ रही थी। पूछताछ में उसने अपने पिता और भाई पर पूरी साजिश रचने का आरोप लगाया।
थाना में पूछताछ के दौरान युवती ने आशंका जताई कि घर लौटने पर उसकी हत्या की जा सकती है। इसी बीच बाथरूम जाने के बहाने उसने खुद को आग लगाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल कम्बल और पानी की मदद से आग बुझाई तथा उसे इलाज के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। टीम ने उस स्थान से मिट्टी का नमूना जब्त किया है, जहां पीड़िता के अनुसार उसके ऊपर डीजल छिड़का गया था।
पुलिस ने कहा है कि चूंकि पीड़िता नाबालिग है और उसके पिता व भाई पर हत्या के प्रयास का आरोप है, इसलिए परिवार के अन्य वयस्क सदस्य आवेदन देते हैं तो उनके बयान पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। अन्यथा पुलिस स्वयं के बयान पर मामला दर्ज करेगी।
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