बडा हादसा टला जर्जर नाला में धंसा ट्रेक्टर का चक्का
कोशी तक/मुरलीगंज मधेपुरा:- शहर के मुख्य बाजार स्थित श्री राम मंदिर ठाकुरबाड़ी के समीप शनिवार सुबह करीब 8 बजे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वार्ड संख्या 7 स्थित जयसवाल इलेक्ट्रॉनिक के सामने सामान लदा एक ट्रैक्टर बैक करने के दौरान जर्जर नाले की प्लेट टूट गई, जिससे ट्रैक्टर का पहिया नाले में धंस गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर कुछ देर तक आवागमन बाधित रहा।
स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को बाहर निकाला गया। घटना को लेकर लोगों में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया।
वार्ड पार्षद उदय चौधरी ने बताया कि उन्होंने 1 मई को ही नाले की जर्जर स्थिति की जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी को दी थी। उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से फोटो भेजकर जल्द मरम्मत की मांग भी की थी, लेकिन आश्वासन के अलावा अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन एवं कार्यपालक पदाधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते मरम्मत करा दी जाती तो यह घटना नहीं होती।
स्थानीय निवासी शंकर प्रसाद जायसवाल ने कहा कि बाजार क्षेत्र के कई नाले और उनके ढक्कन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन भारी वाहन और सैकड़ों लोग इस सड़क से गुजरते हैं, ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं धीरज कुमार जायसवाल ने भी नगर पंचायत की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन को सिर्फ किसी बड़े हादसे का इंतजार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जर्जर नालों की तत्काल मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से अविलंब नाले की मरम्मत कराने तथा बाजार क्षेत्र के सभी जर्जर ढक्कनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
इधर पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि नालों की स्थिति और तकनीकी कार्यों की निगरानी करना उनका कार्यक्षेत्र नहीं है और यह जिम्मेदारी जेई की है।
कार्यपालक पदाधिकारी के इस बयान के बाद स्थानीय लोगों में और नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में जर्जर नालों और बदहाल ढांचों की शिकायत लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर जवाबदेही से बच रहे हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि मुरलीगंज नगर पंचायत प्रशासन कब तक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपता रहेगा और नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को इस अव्यवस्था से कब राहत मिलेगी।
मुरलीगंज से अंशु भगत
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