बाल विवाह को समाप्त करने बाबा मंदिर में जागरूकता अभियान
कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार तथा जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के निदेशानुसार अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर संभावित बाल विवाह की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से सिंहेश्वर प्रखंड स्थित सिंहेश्वर मंदिर परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पुजारियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक कर बाल विवाह नहीं करने का अनुरोध किया गया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 181 एवं 1098 पर जानकारी दें।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी सीमा कुमारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति आम जनमानस को जागरूक करना और इसके दुष्परिणामों की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले के सभी प्रखंडों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मिशन समन्वयक मो. इमरान आलम ने कहा कि बाल विवाह एक अभिशाप है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत इस अपराध में शामिल बैंड, बाजा, बाराती और सराती सभी दंड के भागीदार होते हैं। इस अधिनियम के तहत दो वर्ष का सश्रम कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
केंद्र प्रशासक कुमारी शालिनी ने वन स्टॉप सेंटर एवं 181 महिला हेल्पलाइन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि 1098 एक निःशुल्क आपातकालीन हेल्पलाइन है, जिस पर कॉल कर किसी भी संकटग्रस्त बच्चे, बाल श्रम, बाल विवाह या शोषण की सूचना दी जा सकती है।
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अभिमन्यु कुमार ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा।
इस मौके पर लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार, मुमताज आलम, परामर्शी संगीता सिंह, लेखा सहायक नव्या भारती, रोशन, ए.एन.एम. संगीता, क्रेच वर्कर प्रियंका कुमारी, सहायक क्रेच वर्कर रीना कुमारी समेत कई पुजारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
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