मानिकपुर में नशे के विरोध में हुई ग्रामीणों की बैठक
कोशी तक/मधेपुरा:- सदर प्रखंड के मानिकपुर गांव में बढ़ते नशे के प्रकोप को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुखा नशा (स्मैक) के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेते हुए चिंता जताई कि इलाके में तेजी से फैल रही नशे की लत से बच्चे और युवा पीढ़ी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। लोगों ने कहा कि स्मैक के सेवन की वजह से कम उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्थिति यह है कि 7 से 30 वर्ष तक के किशोर और युवा नशे के शिकार बनते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि नशे की वजह से परिवारों में तनाव बढ़ रहा है और बच्चे अभिभावकों की बात तक नहीं सुन रहे हैं।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समाज के ही कुछ लोग खुलेआम स्मैक की बिक्री कर रहे हैं, जिसकी जानकारी पुलिस को भी है, इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों ने कहा कि पुलिस कभी-कभार गांव में आती जरूर है, लेकिन नशा कारोबारियों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।
शराबबंदी के बावजूद मिल रही शराब
ग्रामीणों ने यह भी मुद्दा उठाया कि शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद क्षेत्र में आसानी से शराब उपलब्ध हो रही है, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाली पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नशा बेचने और सेवन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही गांव स्तर पर निगरानी बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
हालांकि पुलिस द्वारा नशा कारोबारियों को पकड़कर सौंपने की बात कही जाती है, जिस पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आम लोग अपराधियों को पकड़ने का जोखिम कैसे उठा सकते हैं।
बैठक में पूर्व वार्ड सदस्य ललन कुमार, रमेश कुमार सहित कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
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