कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा खुशबू कुमारी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश और मातम पसरा हुआ है।
बीती देर रात मृतका के पिता पवन कुमार सिंह सहित अन्य परिजन मधेपुरा पहुंचे और सिंहेश्वर थाना में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। आवेदन में पिता ने साफ तौर पर बेटी की हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
आवेदन देते समय पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने बताया कि खुशबू का किसी से कोई विवाद नहीं था और घटना से एक दिन पहले ही फोन पर उससे बातचीत हुई थी।
“वह बिल्कुल सामान्य थी, कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया,” पिता ने भर्राई आवाज में कहा।
पिता ने कहा,
“काफी अरमान से बेटी को पढ़ाया-लिखाया था। उम्मीद थी कि वही घर की माली हालत सुधारेगी। गांव में वह अकेली लड़की थी जिसने इंजीनियरिंग में नामांकन लिया था, लेकिन बीच रास्ते में ही हम सबको छोड़ गई।”
मृतका के चाचा दुर्गा प्रसाद ने भी आत्महत्या की संभावना को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि खुशबू पूरी तरह पढ़ाई में लगी रहने वाली लड़की थी और भविष्य को लेकर बड़े सपने देखती थी।
“छुट्टियों में भी वह ज्यादातर समय किताबों के साथ बिताती थी। उसका स्वभाव बेहद सरल और सम्मानजनक था। वह आत्महत्या कर ही नहीं सकती,” उन्होंने भावुक होकर कहा।
गौरतलब है कि 2 फरवरी की शाम करीब चार बजे बीपी मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के गर्ल्स हॉस्टल स्थित उसके कमरे से खुशबू कुमारी का शव संदिग्ध परिस्थिति में बरामद किया गया था। घटना के बाद से मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
फिलहाल पुलिस परिजनों के आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और हर पहलू से पड़ताल की जा रही है। परिजन दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सच्चाई सामने लाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
यह मामला सिर्फ एक छात्रा की मौत का नहीं, बल्कि उन सपनों के टूटने का भी है, जिन्हें एक बेटी अपने परिवार और अपने भविष्य के लिए संजोकर मधेपुरा आई थी।

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