फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र पर एमबीबीएस सीट हथियाने की कोशिश, अभ्यर्थी पर मामला दर्ज।

 जेएनकेटी मेडिकल कालेज दिव्यांग कोटा से फजी छात्र धराया 


कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय, मधेपुरा में एमबीबीएस नामांकन के दौरान फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के सहारे सीट प्राप्त करने का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में प्रमाण-पत्र जाली पाए जाने के बाद संबंधित अभ्यर्थी की सीट रद्द कर दी गई है, वहीं अब उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद बीसीईसीई बोर्ड के द्वारा एमबीबीएस शैक्षणिक सत्र 2025-26 के द्वितीय चरण की काउंसलिंग में अभ्यर्थी अमन कुमार राव (पिता–नितेश्वर राव), निवासी जय प्रकाश नगर, वार्ड नंबर-15, बेतिया, पश्चिम चम्पारण को दिव्यांग कोटा के तहत जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय, मधेपुरा में एमबीबीएस सीट आवंटित की गई थी।

अभ्यर्थी 27 सितंबर 2025 को नामांकन हेतु उपस्थित हुआ, जहां उसने आईजीआईएमएस पटना से निर्गत दिव्यांगता प्रमाण-पत्र संख्या 827 18.09.2025 प्रस्तुत किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रमाण-पत्र के सत्यापन हेतु इसे बीसीईसीई बोर्ड के आधिकारिक माध्यम से आईजीआईएमएस पटना भेजा गया।

सत्यापन के क्रम में आईजीआईएमएस पटना द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि प्रमाण-पत्र पर अंकित तीनों चिकित्सकों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। इसके बाद अभ्यर्थी अमन कुमार राव नीट रोल नंबर 1514105032, युजीएमएसी आइडी 2511202010575 की एमबीबीएस सीट को तत्काल रद्द कर दिया गया।

बाद में आईजीआईएमएस पटना द्वारा पत्रांक 260/एडीएम 19.01.2026 के माध्यम से प्रमाण-पत्र को जाली घोषित करते हुए बीसीईसीई बोर्ड पटना को सूचित किया गया। इसके आलोक में विशेष कार्य पदाधिकारी, बीसीईसीई बोर्ड पटना ने पत्रांक 182/2026 12.02.2026 जारी कर अभ्यर्थी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की जालसाजी से न केवल शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि इससे वास्तविक और मेधावी दिव्यांग अभ्यर्थियों के अधिकारों का भी हनन होता है। मामले को गंभीर अपराध मानते हुए मामला दर्ज कर संबंधित अभ्यर्थी पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है।

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