महाशिवरात्रि पर सिंहेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनाती के बावजूद यातायात और निकासी व्यवस्था रही बदहाल

 

महाशिवरात्रि पर बाबा के जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़ 


कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को देवाधिदेव महादेव के दरबार में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गर्भगृह स्थित बाबा सिंहेश्वर नाथ के कामना लिंग पर श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा-अनुराग की अखंड जलधारा, दूध, फूल-पत्ती एवं विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की जाती रही। अहले सुबह से ही हर-हर महादेव, बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

महाशिवरात्रि पर पूजा-अर्चना के लिए सुपौल रोड, पिपरा रोड, बिरैली रोड, जोगबनी रोड, मधेपुरा रोड, सुखासन रोड और गौरीपुर रोड सहित सभी प्रमुख मार्गों से श्रद्धालु विभिन्न वाहनों व पैदल मंदिर पहुंचते रहे। अररिया, किशनगंज, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, खगड़िया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, बेगूसराय, भागलपुर, कटिहार सहित नेपाल के तराई क्षेत्र एवं अन्य राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु सिंहेश्वर धाम पहुंचे।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा गर्भगृह का पट अहले सुबह ही खोल दिया गया। पट खुलने से पूर्व ही शिवगंगा तट से मुख्य द्वार तक लगी बेरिकेडिंग में श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। सुबह नौ बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि हुई, जो देर शाम तक बनी रही।

न्यास प्रबंधन के अनुसार महाशिवरात्रि के पहले दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर क्षेत्र समेत पूरे नगर में दिनभर भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा, वहीं भक्ति गीतों से परिसर गुंजायमान रहा।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस, लेकिन विधि-व्यवस्था पर उठे सवाल

महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे इतर नजर आई। बाजार क्षेत्र में यातायात विभाग द्वारा घोषित “नो-इंट्री” व्यवस्था प्रभावहीन साबित हुई। बड़ी गाड़ियों के निर्बाध प्रवेश के कारण पूरे बाजार क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।

इसके साथ ही ई-रिक्शा, ऑटो और अनियंत्रित ठेलों की भरमार से बाजार व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। वहीं मंदिर परिसर में गर्भगृह से बाहर निकलने के लिए लगाए गए बेरिकेडिंग में उचित निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय निवासी नरेश यादव, राजू गुप्ता, विरेंद्र यादव, मुकेश कुमार सहित कई श्रद्धालुओं ने मंदिर के भीतर और बाहर की व्यवस्था को प्रशासनिक लापरवाही करार दिया। लोगों का कहना था कि यदि भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर बेहतर ध्यान दिया जाता, तो श्रद्धालुओं को अनावश्यक कठिनाइयों से नहीं जूझना पड़ता।

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