महाशिवरात्रि पर बाबा नगरी सिंहेश्वर में गूंजेगा काशी–अयोध्या का दिव्य स्वरूप, शिवगंगा तट बनेगा आस्था का महासंगम

 बैठक कर निर्णय लेते फाउंडेशन, तापस समाज के लोग 



कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- मनोकामना लिंग के लिए प्रसिद्ध बिहार के सबसे बड़े मंदिरों में शुमार श्री सिंहेश्वर नाथ महादेव मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य और दिव्य आयोजन होने जा रहा है। मंदिर परिसर स्थित शिवगंगा तट पर कोशी में काशी का अलौकिक स्वरूप साकार होगा, जहां शिव आराधना सह महाआरती आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी।

श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन एवं तापस पंडा समाज के संयुक्त तत्वावधान में यहां आठ दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान अयोध्या और काशी की तर्ज पर भव्य संध्या महाआरती होगी, जिसमें बनारस का डमरू, घंटी और रामेश्वरम का शंख शिवगंगा तट पर गूंजेगा।

फाउंडेशन के संस्थापक भास्कर कुमार निखिल ने बताया कि 4 नवंबर 2024 से प्रत्येक रविवार को यहां अनवरत महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि के विशेष अवसर पर 15 फरवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक शिव आराधना सह महाआरती का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन एवं तापस पंडा समाज की संयुक्त बैठक भी आयोजित की गई।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सिंहेश्वर को राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक उत्थान के उद्देश्य से मंदिर परिसर के शिवगंगा तट पर काशी और हरिद्वार की तर्ज पर दिव्य संध्या महाआरती आयोजित की जाएगी। महाआरती के दौरान दीपक की ज्वाला, शंखनाद, डमरू की गूंज और “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।

इस अवसर पर श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के भास्कर कुमार निखिल, आनंद भगत, प्रिंस यादव, नील कुमार, अभिषेक कुमार सहित तापस पंडा समाज के नीलांबर ठाकुर, दीपक ठाकुर, अभय ठाकुर, अन्नू ठाकुर, शंभु ठाकुर, प्रभात ठाकुर, धिरज ठाकुर, शिवम ठाकुर और छोटू ठाकुर मौजूद रहे।

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