केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत की दिशा में बड़ा कदम: भवन जीर्णोद्धार को सांसद निधि से 10 लाख की राशी स्वीकृत

 एसएनपीएम में तत्काल संचालन होगा केंद्रीय विद्यालय 


कोशी तक/मधेपुरा:- मधेपुरा में केंद्रीय विद्यालय के संचालन की प्रक्रिया अब जमीन पर उतरती दिख रही है। मधेपुरा नगर परिषद अंतर्गत शिवनंदन प्रसाद मंडल इंटर स्तरीय विद्यालय में स्थित भवन के जीर्णोद्धार एवं आवश्यक मरम्मती कार्य के लिए माननीय सांसद श्री दिनेश चंद्र यादव द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से 10 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से भवन की मरम्मत कर कक्षाओं को पढ़ाई के योग्य बनाया जाएगा, जिससे शीघ्र ही केंद्रीय विद्यालय की पढ़ाई प्रारंभ हो सकेगी।

इस पहल पर शिवनंदन प्रसाद मंडल इंटर स्तरीय विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार रमन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए हमारे विद्यालय भवन का चयन होना गर्व की बात है। सांसद निधि से जीर्णोद्धार कार्य होने से बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इसके लिए हम माननीय सांसद श्री दिनेश चंद्र यादव के आभारी हैं।”

विद्यालय के सहायक शिक्षकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि “केंद्रीय विद्यालय खुलने से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे शिक्षा का स्तर और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगे, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को होगा।”

वहीं सांसद प्रतिनिधि बिजेंद्र नारायण यादव ने कहा कि “माननीय सांसद श्री दिनेश चंद्र यादव ने मधेपुरा में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए लगातार प्रयास किए। आज उसी प्रयास का परिणाम है कि भवन के जीर्णोद्धार के लिए राशि स्वीकृत हुई है। यह केवल एक भवन की मरम्मत नहीं, बल्कि मधेपुरा के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में कदम है।”

महेंद्र कुमार पटेल, जदयू जिला कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि “केंद्रीय विद्यालय खुलने से मधेपुरा की शैक्षणिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। सांसद निधि से राशि स्वीकृत होना यह दर्शाता है कि माननीय सांसद क्षेत्र के शिक्षा विकास को लेकर गंभीर हैं।”

वहीं संतोष कुमार संगम, जदयू जिला महासचिव ने कहा कि “इस निर्णय से गांव और शहर दोनों क्षेत्रों के बच्चों को लाभ मिलेगा। सरकारी कर्मचारी, रेल कारखाना कर्मी, बैंक कर्मचारियों सहित आम परिवारों के बच्चों को अब अपने ही जिले में केंद्रीय विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था में पढ़ने का अवसर मिलेगा।”

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत से मधेपुरा के विद्यार्थियों को बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी और जिले में ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।

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