मां अंबे को विदाई में देवताओं के आंखे भी हुई नम। बारिस के फुहारे में संपन्न हुआ माता की विदाई।

 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर का शोभायात्रा सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के शोभायात्रा की झलकियां 



कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- सिंहेश्वर प्रखंड में 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 11 दिनों से चल रहे हिन्दूओं का पवित्र पर्व  दशहरा शांति और  सोहार्द पुर्ण ढंग से संपन्न हो गया।  इस दौरान भक्तिपूर्ण वातावरण में मां भगवती की पूजा और आराधना के बाद विजयादशमी के दिन गुरुवार को देर शाम में सार्वजनिक दुर्गा मंदिर सिंहेश्वर से मैया के विशाल प्रतिमा के साथ नगर पंचायत वासियों का एक विशाल शोभायात्रा मैया के प्रतिमा के विसर्जन के लिए निकली। शोभायात्रा में शामिल सभी महिला और पुरुष भक्तों की आंखें नम थी। इस दृश्य को देखकर देवताओं की आंखें भी नम हो गई थी। जिसके कारण शाम से ही आसमान से आंखों से बारिस की फुहार बिखेरती रही। शोभायात्रा में मैया के जयकारे के साथ नाचते गाते भक्तों के हुजूम का दृश्य देखते ही बनता था। यह विशाल मैया की विदाई शोभायात्रा सिंहेश्वर बाजार भ्रमण कर परवाने नदी में विधिवत पुजन के बाद विसर्जित कर दिया गया।बाबा मंदिर स्थित दुर्गा प्रतिमा विसर्जन हेतु जाते 

प्रतिमा विसर्जन में उमड़ी भारी भीड़।

बुराई पर सच्चाई की जीत का प्रतिक के रूप में मनाया जाने वाला विजय दशमी पर्व क्षेत्र में धुमधाम से मनाया गया। मालूम हो कि 11 दिनों तक चलने वाला यह आयोजन मैया के प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही समाप्त हो गया। सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के 8 और प्रखंड क्षेत्र में लगभग 12 जगहों पर दुर्गा पूजा शांति पुर्वक संपन्न हो गया। सबसे पहले सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के द्वारा आयोजित बाबा मंदिर में स्थित प्रतिमा का विसर्जन लगभग साढ़े 6 बजे किया गया। जो  मेला ग्राउंड होते हुए गौरीपुर पंडा टोला में विश्वेंद्र ठाकुर के आगे पोखर में विसर्जन किया गया।  न्यास समिति मालूम हो की दुर्गा पूजा को लेकर विजयादशमी के दिन बारिश ने मेला में उमड़ने वाली भीड़ भारी भीड़ को  काफी कम कर दिया। मेले के नियंत्रण के लिए जगह जगह पुलिस बल तैनात था। वही सिरसिया, जयपुर, लरहा, पटोरी, दुलार पीपराही, में भी शांतिपूर्ण ढंग से मैया की प्रतिमा का विसर्जन संपन्न हुआ।

एक ही ट्रेक्टर पर 4 प्रतिमा को घुमाया गया 


बाबा मंदिर की शोभायात्रा पर उठे सवाल।

इस बार करोड़पति सिंहेश्वर बाबा मंदिर परिसर के दुर्गा मंदिर के  शोभायात्रा में दो ट्रेक्टर शामिल थे। एक ट्रेक्टर पर मां अंबे की विशाल प्रतिमा थी। दुसरे ट्रेक्टर पर गाय माल के तरह प्रतिमा को लाद कर शोभायात्रा निकाली गई। प्रतिमा के आगे प्रतिमा के कारण लोगों में प्रतिमा के दर्शन से भी वंचित रखा। वही इस बार  दृश्य को दिखाने के लिए इस बार उस प्रतिमा का बाजार भ्रमण भी कराया गया। इस बाबत लेखापाल राकेश श्रीवास्तव ने बताया ट्रेक्टर और था लेकिन वह आया ही नही। इसलिए एक ही ट्रेक्टर पर विसर्जन के लिए ले जाना पड़ा। 


मौके पर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, एसआई मृत्युंजय कुमार, विशंभर स्वर्णकार, मनोज कुमार, संजय गुप्ता, गोविंद खंडेलवाल, अशोक भगत, दीपक भगत, सहदेव यादव, स्थाई कमिटी के अध्यक्ष दिनेश कुमार यादव, पवन भगत, जनार्दन भगत, बादल भगत, विनोद  यादव, प्रमोद चौधरी, रवि शंकर कुमार उर्फ हरिओम, दिनेश शर्मा, पंकज  स्वर्णकार, मुकेश चौधरी, मंदिर परिसर दुर्ग  मंदिर में न्यास सदस्य दिलीप खंडेलवाल, विजय सिंह, अमरनाथ ठाकुर उर्फ लाल बाबा, शंकर ठाकुर उर्फ रघु बाबा, सत्येंद्र ठाकुर उर्फ बचनु बाबा,हीरानंद ठाकुर, जगरनाथ ठाकुर, कृष्ण कुमार ठाकुर, प्रभाकर  ठाकुर, पुजारी प्रशांत ठाकुर उर्फ मुन, नीतीश ठाकुर, बबलु ऋषिदेव, दीपक यादव,  मंदिर प्रभारी अमरनाथ ठाकुर, बाल किशोर यादव, विनोद यादव, श्रवण कुमार, सत्येंद्र ठाकुर उर्फ बचनु बाबा,  सिरसिया में मुखिया जय कृष्ण शर्मा, पंसस मनीष कुमार मौजूद थे।

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