मधेपुरा वार्ड नंबर 5 के महर्षि मेंही सत्संग मंदिर में जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।

 सत्संग मंदिर में जन्मोत्सव का भव्य आयोजन हुआ 



कोशी तक / मधेपुरा:- मधेपुरा वार्ड नंबर 5 के महर्षि मेंही सत्संग मंदिर में जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।संत स्तुति प्रार्थना भजन कीर्तन एवं संतवाणी के माध्यम से जन्मोत्सव को परिभाषित किया गया। मंच संचालक सेवानिवृत शिक्षक शिवनारायण साह एवं रामचंद्र यादव ने कहा कि अनमोल मानव जीवन को प्रभु के चरणों में अर्पित कर देना ही जीवन की सार्थकता है। 

इस मौके पर अखिल भारतीय संत मत के पूर्व महामंत्री प्रोफेसर बिंदेश्वरी प्रसाद यादव अपने प्रवचन में कहा कि इस संसार को भवसागर कहा गया है। जैसे सागर की अथाह जलराशि में जीव डूब कर मर जाता है। इसी प्रकार संसार में रूप, रस, गंध, स्पर्श और शब्द रूप विषय -जल में जीव पड़ा है और इसमें तृष्णा व विषय भोग का भंवर, स्त्री-पुरुष रूपी पंक और निद्रा, भय, आलस्य, मोह माया, लोभ-लालच आदि भयानक मगरमच्छ जैसे जीव जन्तु के बीच फंसकर दुःख-दुर्दशा भोग रहे हैं। इस विषम परिस्थिति से शिवनेत्र होकर भवसागर से सदगुरु -संत ही हम सब को उबार सकते है।अतएव अपने उद्धार के लिए सदगुरु के चरणाश्रित होकर साधना अनिवार्य है। मंचा सीन इंजीनियर सदानंद यादव ने अपने प्रवचन में भजन की व्याख्या करते हुए कहा कि मनुष्य जब अपने जीवन को सुधार लेता है। तो वह असली भजन है। इस आयोजन में प्रोफेसर सुजीत मेहता, अधिवक्ता सोहनलाल गुप्ता, रमेश भारती, सुधीर गुप्ता, सिकंदर साह, अनिल साह, मुकेश, देवांशु, इंजीनियर श्याम साह, अभिषेक, आनंद, विद्यानंद, भरत साह, कला, विभा, पुष्पा, विमला, अंशु, रिशु, लवली आनंद ने भाग लिया। अंत में प्रसाद में  खीर और मिठाई का वितरण किया गया।

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