कोशीतक /सिंहेश्वर, मधेपुरा
सिंहेश्वर में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ अभियान चलाया गया। इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि इस अभियान का निदेश आवास और शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त हुआ है। इस अभियान को 15 जुलाई से 31 अगस्त तक सभी नगर निकायों में चलाया जाना है। इसमें मुख्य रूप से कचरा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान विशेष स्वच्छता अभियान खुले में कचरा डंपिंग को रोकने, कचरा संवेदनशील बिन्दुओं को साफ करने, रूके हुए पानी और नालियों को खत्म करने, नालियों से गाद निकालने, बाजारों, खाद्य वेंडिंग जोन, शहरी मलिन बस्तियों, अनौपचारिक बस्तियों आदि पर विशेष सफाई अभियान की योजना बनाना और विशेष स्वच्छता अभियान चलाना। कचरे का संग्रहण और परिवहन दैनिक आधार पर अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों तक निर्बाध संग्रह और परिवहन की योजना बनाना। अधिक वर्षा की स्थिति में सुविधाओं के प्रबंधन हेतु विशेष योजना बनायी जाएगी। कचरे का परिवहन बन्द वाहन में या ढके हुए वाहन से ही किया जाय। सभी सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव की योजना बनाना और सावधानी पूर्वक अभियान चलाना, विशेष रूप से शहरी मलिन बस्तियों और अनौपचारिक बस्तियों में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और हाथ धोने की सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों, आवासीय और खेल छात्रावासों में सुरक्षित, स्वच्छ और कार्यात्मक शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों में आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव तत्काल किया जाना चाहिए। जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए पर्याप्त नमूने लेना एवं उसकी जांच हेतु संबंधित विभाग से सम्पर्क करना. जल कार्यों की आवश्यक मरम्मत और रखरखाव, ओवरहेड पानी की टंकियों और संबंधित बुनियादी ढांचे की सफाई और रखरखाव, पानी के पुनर्चक्रण के लिए एसटीपी का उचित कामकाज आदि, अमृत परियोजना के साथ अभिसरण किया जाना, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने के लिए तेजी से मूल्यांकन डायरिया के प्रकोप, अन्य जल जनित, वेक्टर जनित बीमारियों के लिए व्यवस्थाएं की जानी हैं और उचित कार्रवाई को
प्राथमिकता दी जानी है। आईईसी और घर- घर जाने की योजना बनाना, यह आपातकालीन नम्बरों के पर्याप्त प्रचार के साथ साथ धोने, कूड़ा न फैलाने, साफ- सफाई आदि के लिए अन्य हितधारकों के सहयोग से किया जाना।
पीपीटी प्रोटेक्ट, प्रिवेंट ट्रीट रणनीति प्रारंभिक चरण में सभी संसाधनों को स्वच्छता अभियान को तेज करने और पीपीटी प्रोटेक्ट, प्रिवेंट और ट्रीट रणनीति के सिद्धांतों पर 1 जुलाई से 31 अगस्त तक सभी गतिविधियों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करना। डायरिया की रोकथाम के साथ साथ वेक्टर जनित रोग नियंत्रण करने हेतु कार्रवाई करना। मानसून पूर्व तैयारियों और मानसून के दौरान रोग प्रबंधन के लिए इन गतिविधियों को अंतर- विभागीय समन्वय की मौजूदा प्रणालियों के साथ एकीकृत करना। घनिष्ठ समन्वय, नियमित निगरानी, जहां भी आवश्यक हो जुर्माना लगाना और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जानी है। मौके पर लोक स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी सचिन कुमार तिवारी, कार्यपालक सहायक रिशु आनंद, व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवचंद्र चौधरी, वार्ड पार्षद रंजीत कुमार सिंह, बिंदेश्वरी राम, प्रदीप राम सहित मनोज कुमार राणा, सोनू सिंह, विक्रम कुमार, नवीन कुमार, विक्की कुमार यादव सहित अन्य मौजूद थे।

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