अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के द्वारा बीएनएमयू के कुलपति का विदाई समारोह आयोजित

 "कैसे रहे मन धीर,हे उधो" 

पुर्व कुलपति का बिदाई समारोह में 


अच्छे कार्य करने में कई व्यवधान आएंगे लेकिन अपने आप पर अडिग रहने से ही सफलता मिलती है: प्रो. डा. रमण


सिंहेश्वर मधेपुरा।


भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.डॉ. आरके पी.रमण का कार्यकाल पूरा होने पर अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के द्वारा नॉर्थ कैंपस के मनोविज्ञान सभागार में सम्मान सह विदाई समारोह आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय अतिथि शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ.सतीश दास, महासचिव डॉ.दीपक कुमार, वरीय उपाध्यक्ष डॉ.सिकंदर कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ.रवि शंकर, प्रवक्ता डॉ.संतोष कुमार के द्वारा माला, चादर, पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। साथ ही अतिथि शिक्षक संघ की ओर से अंग वस्त्र, छाता, छड़ी, गीता इत्यादि से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.डॉ.आरकेपी.रमण ने कहा विश्वविद्यालय में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का भविष्य हमेशा से उज्जवल था और आगे भी उज्जवल रहेगा। उन्होंने कहा अच्छे कार्य करने में कई व्यवधान आएंगे लेकिन अपने आप पर अडिग रहने से ही सफलता मिलती है। उन्होंने कहा शिक्षक हमेशा समाज को सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं। अतिथि शिक्षक हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन करते रहें। शिक्षक को पहले विद्यार्थी बनना पड़ता है तभी वह बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाएंगे। शिक्षक वर्ग संचालन के प्रति वफादार रहें। उन्होंने कहा मेरे कार्यकाल में दो बार दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। अतिथि शिक्षकों का रिन्यूवल हमेशा अपने समय पर होता रहा। विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों के अलावा 444 पद रिक्त हैं। अतिथि शिक्षक को कभी घबराना नहीं चाहिए। मैंने महामहिम राज्यपाल से भी अतिथि शिक्षकों के स्थायीकरण का आग्रह किया था। पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.गजेंद्र कुमार ने कहा अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति पूरी प्रक्रिया के अधीन की गई है। प्रधानाचार्य डॉ.अरविंद कुमार ने कहा अतिथि शिक्षकों के प्रति कुलपति महोदय का हमेशा से स्नेह और आशीर्वाद रहा है। उन्होंने कहा जीने के लिए संघर्ष करना ही पड़ता है। कुलपति जी अतिथि शिक्षकों के जीवन में उजाला लाने का भरपूर प्रयास किया। डॉ.वीणा कुमारी हिंदी विभागाध्यक्ष ने कहा अतिथि शब्द शिक्षकों के साथ शोभा नहीं देता। शिक्षक के पहले अतिथि शब्द निश्चित रूप से हटना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ.अमित कुमार मिश्रा के द्वारा, स्वागत भाषण रितु रत्नम के द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ.श्वेता शरण के द्वारा किया गया। अतिथि प्राध्यापक संघ अध्यक्ष डॉ.सतीश दास के द्वारा "कैसे रहे मन धीर,हे उधो" गीत प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में डॉ.लीना सिंह, डॉ.मीनू सोढ़ी, डॉ.अनामिका, डॉ.कविता सिंह, डॉ.कोमल कुमारी, डॉ.रमा कुमारी, डॉ.हेमा कुमारी, डॉ.मंजू कुमारी, डॉ.किरण कुमारी, अंशु कुमारी, स्वीटी कुमारी, डॉ.प्रीति कुमारी, डॉ.शोभा कुमारी, दीपा कुमारी, संध्या ठाकुर, डॉ.धर्मेंद्र कुमार, डॉ.छोटे लाल यादव, डा. रूद्र किंकर वर्मा, डॉ.अंकेश कुमार, डॉ हरित कृष्ण, डॉ.संजय कुमार, डॉ.मनोज कुमार, डॉ.अरुण कुमार साह, डॉ.प्रशांत कुमार मनोज, प्रेम शंकर सिंह, डॉ.जयंत ठाकुर, सुमेध आनंद, डॉ.विमलांशु शेखर, डॉ.वीणा प्रसाद, डॉ.अखिलेश मिश्रा, डॉ.हर्षवर्धन सिंह, डॉ.कौशल किशोर, डॉ.सूरज कुमार, डॉ.कुमार ऋषभ, डॉ.अनिल कुमार, सुदीप झा, डॉ.आलोक झा, डॉ.अरुप कुमार आदि मौजूद थे।

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