मधेपुरा।
जदयू के वरीय नेता व समाजसेवी चन्द्रिका प्रसाद साह को कुछ लोगों के द्वारा उसके आवास में घुसकर गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की घमकी दिया है। इस बाबत चंद्रिका साह ने एसपी समेत डीआईजी को पत्र लिखकर बताया है। कि कुछ पहले ग्वालपाड़ा स्थित अरार निवासी रणवीर यादव, डफरा अरार निवासी संजय यादव, संवेदक रत्नेश कुमार रत्ना अपने आठ-दस अपराधी के साथ मेरे आवास पर आए तथा हथियार लहराते हुए कहा कि कहा कि उदाकिशुनगंज में तुम कैसे कोई काम कर सकते हो। अगर काम करना है तो या तो पांच लाख रूपया रंगबाजी देना होगा या जान से हाथ धोना होगा। उन्होंने कहा कि हमने उदाकिशुनगंज क्षेत्र में एक सड़क में टेंडर दिया गया था। जिसको लेकर सभी टेंडर से नाम हटाने का दबाब दे रहा था। लेकिन जब नहीं माना तो घटना को अंजाम दिया। घटना के समय कुछ स्थानीय प्रतिनिधि पहले से मौजूद थे। इस घटना के बाद से हमारा पूरा परिवार डरा व सहमा है। उन्होंने आशंका जताई कि कभी भी ये लोग हम या मेरे परिवार पर जानलेवा हमला कर सकता हैं। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने एसपी से मिलकर थाना में आवेदन दिया है। जिसके बाद एक अपराधी को पुलिस ने पहले पकड़ा लेकिन बाद में छोड़ दिया है। पुलिस का यह रवैया भी संदिग्ध नजर आ रहा है। वहीं एसपी ने भरोसा दिलाया कि हर हाल में अपराधी को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए विशेष टीम ने काम शुरू कर दिया है। घटना की जानकारी पूरे कोसी सीमांचल मे फैल गई है। मालूम हो कि चंद्रिका साह सहरसा जिला अंतर्गत पतरघट से तीन बार मुखिया पद पर रह चुके हैँ। वर्तमान समय में उसकी पुतोहु वहां की मुखिया है। वैसे भी चंद्रिका साह वैश्य समाज के कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते हैं। पूर्व में श्री साह समता पार्टी के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।


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