महिलाओं के पर्व पर प्रशिक्षण का आयोजन महिला के सम्मान से खिलवाड़ - अमृता कुमारी

 

महिला के पर्व का हो सम्मान - अमृता कुमारी 


सिंहेश्वर मधेपुरा


बिहार सरकार के शिक्षा विभाग महिला के पर्व त्योहार को जॉन बूझकर त्योहार से वंचित कर रहे हैं। और त्योहार के दिन रखा गया शिक्षको का प्रशिक्षण इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। ये बातें अनुमंडल पार्षद बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ मधेपुरा अमृता कुमारी ने कही।  जानकारी हो की शिक्षा विभाग के निर्देशक बिहार शिक्षा परिषद पटना के निदेशक के द्वारा राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र लिखकर 18 से सितंबर से शिक्षकों शिक्षिका का प्रशिक्षण आयोजित कर रहे हैं। जो की महिलाओं के आस्था से जुड़ा हुआ पर्व चौरचन एवं तीज है। जिसमें 90 प्रतिशत महिला शिक्षिका तीज पर्व करती हैं। और इस अवधि में सरकार के द्वारा प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जो कि जॉन बूझकर महिलाओं के मान सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं। जो कि बिहार सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी कहा करते हैं बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ और महिलाओं के लिए सरकार कटिबद्ध है। लेकिन दुर्भाग्य है कि बिहार में सिर्फ महिला शिक्षिकाओं के पर्व त्यौहार के अवसर पर ही सरकार जान बूझकर आस्था पर ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं। जो दुर्भाग्यपूर्ण है।  सरकार समय रहते हुए महिला के प्रति धार्मिक दृष्टिकोण से महिलाओं को सम्मान दें। उन्होंने कहा अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से मिलकर महिला हित में महिला शिक्षिकाओं के पर्व त्यौहार एवं अवकाश का शिकायत करेंगे और महिलाओं को सम्मान के लिए संघ कटिबद्ध है। अमृता कुमारी  के मांग को समर्थन करते हुए विभिन्न संगठन के लोग समर्थन में आगे आए। जिला उपाध्यक्ष बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मधेपुरा मूल शैलेश कुमार चौरसिया ने श्रीमती के मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी कहते हैं कि हमारी सरकार महिलाओं को सम्मान देने में कोई कसर नहीं रखेंगे। तो मुख्यमंत्री जी आप ही के समय में महिलाओं की तीज चौरचन एवं अन्य पर अवकाश के दिन भी शिक्षा विभाग के द्वारा प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिससे महिला शिक्षिकाओं में आक्रोश व्याप्त और सरकार पर्व त्यौहार पर खासकर नजर रखें और महिला शिक्षिकाओं को सरकार मान सम्मान दें। और पर्व के दिन कोई प्रशिक्षण को खत्म करें। वही जिला अध्यक्ष बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल रणधीर कुमार ने कहा सरकार को महिलाओं के आस्था का सम्मान देना चाहिए। वहीं जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ मधेपुरा ने कहा कि अधिकतर महिलाएं तीज एवं चौरचन पर्व कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षण करने की कोई आवश्यकता नहीं था। और प्रशिक्षण स्वच्छ वातावरण में स्वच्छ मन से किया जाता है। तत्काल सरकार को महिलाओं के  त्योहार पर भी ध्यान देना चाहिए। वहीं जिला महासचिव बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ संतोष कुमार ने कहा कि राज्य में महिलाएं त्योहार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में समय का ख्याल रखना चाहिए। वही  संयुक्त सचिव बिहार बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ अरुण कुमार ने कहा कि बिहार पर त्योहारों के राज है इसमें सभी धर्म के पर्व त्यौहार पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। राज्य में खासकर महिलाएं शिक्षिकाओं को पर्व त्योहार में आस्था रहते हैं कंचनमाला, प्रतिमा कुमारी, वंदना कुमारी, किरण भारती, हीरा भारती, संजय यादव, सुनील चौरसिया, पुरुषोत्तम कुमार, उमा कुमारी, धर्मेंद्र कुमार, उषा कुमारी, कुंदन सिंह, अनुपम रचना, आफताब आलम, सुबोध यादव, रविंद्र कुमार, हरि देव मेहता, सुनील कुमार, जूनियर साइंटिस्ट आनंद विजय, हरे राम यादव, राजेश सिंह, ऋषि कुमार, संजय कुमार, प्रशांत कुमार, संजीव सिंह, नवनीत कुमार ने भी महिलाओं के पर्व पर प्रशिक्षण को गैर जरूरी है।

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