हिन्दी दिवस पर हिन्दी में ही न्यायालय का हो काम


उपाध्यक्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस मधेपुरा सह अनुमंडल पार्षद बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ मधेपुरा के अमृता कुमारी 


 सिंहेश्वर मधेपुरा


हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी को पूर्ण दर्जा मिले  उपाध्यक्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस मधेपुरा सह अनुमंडल पार्षद बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ मधेपुरा के अमृता कुमारी ने भारत में हिंदी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा 14 सितंबर 1949 को ही दे दिया गया था। लेकिन अभी तक भारत के न्यायालय में अंग्रेजों के दिए हुए अंग्रेजी शब्द का ही एवं लिखावट और भाषा का प्रयोग किया जाता है। जो की आजादी के लंबे समय के बाद भी गुलामी को दर्शाता है।  हिंदी दिवस के अवसर पर भारत के सभी न्यायालय में हिंदी में कामकाज प्रारंभ कर देना चाहिए। हम लोग मानते हैं कि आजाद भारत में राष्ट्रीय भाषा होने के फल स्वरुप हिंदी में ही न्यायालय का कार्य हो। ताकि कोर्ट के आदेश को पढ़ने के लिए विदुषक पर खर्च नही करना पड़े। श्रीमती अमृता कुमारी ने कहा राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त होने के बाबजूद भी हम लोग अपने वाहन पर गाड़ी का नंबर भी हिंदी में नहीं लिखाते है। जो कि अच्छी बात नही है। इसलिए हिंदी दिवस के अवसर पर भारत में सारी गतिविधि हिंदी में ही हो सरकार इस पर ध्यान दे। जिला उपाध्यक्ष बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल मधेपुरा शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा भारत के अधिक भूभाग में बोले जाने वाले भाषा हिंदी है। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा है। इसलिए हम आज से सभी काम हिन्दी में ही करें। जिलाध्यक्ष बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ क्षेत्रीय सामान्य के पूर्वोत्तर बिहार कृष्ण कुमार ने बताया कि हिंदी है हम हिंदुस्तान हमारा सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा कहने ही काम नही चलेगा। इस अमल करना भी होगा। संयुक्त सचिव बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ डा. अरुण कुमार ने कहा हिंदी भारत की दिल की धड़कन है। और सरकार के द्वारा हर विभाग में हिंदी विषय अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।  जिला महासचिव बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ  मधेपुरा डा. संतोष कुमार ने कहा देश के सबसे अधिक भूभाग में बोले जाने वाले भाषा हिंदी ही है। और हम लोग हिंदी का प्रयोग बोलचाल एवं लिखावट में करें।  मौके पर जूनियर साइंटिस्ट आनंद विजय, सुनील कुमार चौरसिया, वंदना कुमारी, किरण भारती, कंचनमाला, प्रतिमा कुमारी, गुंजन सिंह, आफताब आलम, हरदेव मेहता, पुरुषोत्तम कुमार, धर्मेंद्र कुमार, उषा कुमारी, सुबोध यादव, विनोद पासवान ने भी समर्थन किया।

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