प्रमुख के जनता दरबार में सीओ का मुद्दा गरमाया। बिना पैसा का काम नही करने का लगाया आरोप।

 

प्रमुख के चैंबर में पत्रकारों को संबोधित करते प्रमुख 


सिंहेश्वर मधेपुरा।


प्रखंड कार्यालय के प्रमुख वेश्म में प्रखंड प्रमुख इस्तियाक आलम के अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित जनता दरबार का आयोजन किया गया।  इस जनता दरबार में विभिन्न पंचायतों से आए हुए लोगों ने अपनी- अपनी समस्या से अवगत कराया। इसमें मुख्य रूप से मोटेसन से संबंधित समस्या के अलावे जमा बंदी कायम करने की समस्या, अतिक्रमण की समस्या, सरकारी अमीन द्वारा स:समय नापी नही करवाने की समस्या को लेकर पहुंचे थे। वहीं प्रखंड प्रमुख ने अंचलाधिकारी के क्रिया कलाप को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी के द्वारा गरीब जनता का शोषण करना, अंचल कार्यालय में प्राइवेट मुंशी के द्वारा रिश्वत की उगाही, जब से प्रखंड कार्यालय की स्थापना हुई तब से सभी अंचलाधिकारी प्रखंड कार्यालय के सामने वाले अंचल कार्यालय में बैठते थे। लेकिन जब से ये आए है अपना कार्यालय अपनी मर्जी से बदलकर डाटा सेंटर कार्यालय में लेकर चले गए है। और खुलेआम रिश्वत की उगाही करने लगे। जबकि उप प्रमुख मुकेश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकारी डाटा ऑपरेटर रहने के बावजूद सरकारी कार्यालय में मुकेश कुमार नाम का एक युवक को रखे हुए है। जो उनके गांव का है. जिसके द्वारा भारी पैमाने पर अवैध उगाही दाखिल खारिज परिमार्जन, जमाबंदी के नाम पर किया जाता है। उन्होंने मांग की है कि उक्त युवक और सीओ के बीच क्या संबंध है इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही उनके कार्य काल मे अर्जित संपत्ति की जांच कर कारवाई की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता बैरबन्ना के मो सिराज ने बताया कि जब वह दाखिल खारिज की समस्या को लेकर अंचल कार्यालय गए। तो सीओ नही मिले। तब हम उनके आवास पर उनसे मिलने के बाद अपनी समस्या को बताया तो उन्होंने मुकेश नाम के युवक से मिलने को कहा। उक्त युवक से मिलने के बाद उसे अपने तीन कवाला का दाखिल खारिज करवाने की बात कही। जिसपर उसने पांच हजार के दर से 15 हजार रुपए की मांग किया। भवानीपुर वार्ड संख्या एक निवासी गणेश यादव ने अतिक्रमण संबंधित समस्या के बारे में बताया कि वर्ष 2019 से अभी तक उसे एडीएम और डीसीएलआर के आदेश को भी नजर अंदाज कर अतिक्रमण मुक्त नही करवा पाए। कभी जेसीबी और मजदूर के नाम पर रुपए लिए गए। सिंहेश्वर दुर्गा चौक से आई शिवरानी देवी ने कहा कि दाखिल खारिज का आवेदन 2022 में किया गया था। तब से कई बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाए है। लेकिन काम अब तक नहीं हो सका है। इसमें में भी सीओ निजी डाटा ऑपरेटर से मिलने के लिए कहा गया। दुलार पिपराही दमहा वार्ड नंबर 7 निवासी प्रकाश कुमार व पिपराही वार्ड नंबर 5 निवासी अवधेश कुमार ने भी अपनी समस्या रखी। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य बैहरी हरिश्चंद्र राम, सुखासन माधव कुमार आजाद, मानपुर अर्जुन आलोक, कमरगामा मनीष कुमार, पंसस रुपौली प्रतिनिधि राकेश कुमार, दुलार पिपराही सिकंदर ऋषिदेव आदि मौजूद थे।

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