सिंहेश्वर मधेपुरा।
बीएनएमयू के कुलपति प्रो. आरके पी. रमण के स्वर्णिम कार्यकाल पूरा होने पर विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. रमण ने कहा कि मधेपुरा ही उनकी जन्मभूमि एवं कर्मभूमि दोनों है। उन्होंने यहीं से शिक्षा प्राप्त की और यहीं लंबे समय तक शिक्षक भी रहे। उनका यह सौभाग्य है कि उन्हें कुलपति के रूप में अपनी जन्मभूमि की सेवा का अवसर मिला। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रो. रमण का कार्यकाल ऐतिहासिक रहा। इनके कार्यकाल में लगातार दो दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। सरकार द्वारा स्नातकोत्तर के अठारह ने विषयों की मान्यता मिली। सभी स्नातकोत्तर विभागों में एक, दो, चार के अनुपात में शिक्षकों का पद सृजन करने में सफलता मिली। प्रो. रमण के कार्यकाल में नार्थ कैंपस में 15 स्मार्ट क्लास रूम, वीसी, प्रोवीसी, नार्थ कैम्पस में काफी निर्माण कार्य किया गया। वहां भव्य अतिथिशाला, डाटा कलेक्शन सेंटर, चारदीवारी एवं गेट निर्माण हुआ। स्नातक स्तर पर सीबीसीएस पाठ्यक्रम को लागू किया गया। स्नातक का सत्र भी लगभग नियमित हो गया। ओल्ड कैंपस में पुलिस चौकी का निर्माण हुआ। इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू डॉ. राजकुमार सिंह, कुलानुशासक डा. बीएन. विवेका, कुलसचिव डा. मिहिर कुमार ठाकुर, उपकुलसचिव (स्थापना) डा. सुधांशु शेखर, डा. भूपेंद्र प्रसाद सिंह, डा. अशोक कुमार, शंभू नारायण यादव, डा. राजेश्वर राय आदि उपस्थित थे।

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