बेलनौत की रस्म में गूंजे मां दुर्गा के जयकारे, भक्तिभाव से दिया माता को आगमन का निमंत्रण

गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा


कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को सिंहेश्वर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां दुर्गा के आगमन की प्रतीक्षा में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक बेलनौत की रस्म पूरे विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ निभाई। सिंहेश्वर के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर और बाबा सिंहेश्वर मंदिर स्थित दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न पूजा स्थलों पर गाजे-बाजे के साथ माता को आमंत्रित किया गया। ढोलक, घंटी, झाल और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

सार्वजनिक दुर्गा पूजा मंदिर समिति, नगर पंचायत सिंहेश्वर की ओर से शाम चार बजे श्रद्धालुओं की टोली ने भव्य शोभायात्रा निकाली। गाजे-बाजे और मां दुर्गा के जयकारों के बीच शोभायात्रा पुलिस लाइन स्थित बेल वृक्ष तक पहुंची। वहां श्रद्धालुओं ने जोड़ा बेल की विधिवत पूजा-अर्चना की और पीला वस्त्र बांधकर मां दुर्गा को धरती पर पधारने का निमंत्रण दिया। पंडित महानंद झा और पुजारी अशोक तिवारी के मंत्रोच्चार के बीच भूमि राम ने वृक्ष पर चढ़कर जोड़ा बेल में पीली धोती बांधी। इसके बाद आरती की गई और माता के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।जोड़ा बेल पर पीला वस्त्र बांधकर की गई माता की आराधना


जोड़ा बेल में माता के आगमन का आमंत्रण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलनौत की रस्म मां दुर्गा को उनके मायके से धरती पर आगमन के लिए आमंत्रित करने की पारंपरिक विधि है। जोड़ा बेल पर पीला वस्त्र बांधकर माता का आह्वान किया जाता है। इस रस्म के साथ ही दुर्गा पूजा की धार्मिक गतिविधियों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। श्रद्धालुओं के लिए यह पल आस्था, विश्वास और मां के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।

माता की पालकी के साथ निकले श्रद्धालु

वहीं, बाबा सिंहेश्वर मंदिर परिसर स्थित दुर्गा मंदिर से मंदिर न्यास समिति की ओर से माता की पालकी निकाली गई। पालकी मंदिर के समीप स्थित बेल वृक्ष तक पहुंची, जहां पंडित गुलाब झा सहायक पुजारी रंधीर ठाकुर ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर माता को निमंत्रण दिया। इस दौरान नीतीश ठाकुर ने निमंत्रण स्वरूप बेल के जोड़े पर वस्त्र लपेटकर मां दुर्गा के आगमन की प्रार्थना की।

शोभायात्रा में श्रद्धालु गाजे-बाजे, ढोलक, घंटी और झाल के साथ माता की आराधना करते हुए आगे बढ़ रहे थे। भक्ति की अनूठी परंपरा का निर्वहन करते हुए भक्त माता की पालकी के आगे-आगे चल रहे थे। श्रद्धालु सड़क की सफाई कर पानी से धुलाई करते भी नजर आए, ताकि माता के आगमन का मार्ग स्वच्छ और पवित्र रहे। चारों ओर गूंजते जयकारों और भक्तिमय गीतों ने माहौल को पूरी तरह दुर्गा मय बना दिया।

श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हुए श्रद्धालु

सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से स्थायी अध्यक्ष दिनेश कुमार यादव, अध्यक्ष शंकर अग्रवाल, उपाध्यक्ष मनोज भगत, महासचिव विष्णु खंडेलवाल, सचिव हरिओम जयसवाल, कोषाध्यक्ष अशोक भगत, जनार्दन भगत, गजेंद्र यादव, दीपक भगत, दिनेश शर्मा, गोविंद खंडेलवाल, विनोद यादव, विष्णु अग्रवाल, पिंटू चौधरी, ललित भगत, पिंकू सिंह, सुमित वर्मा, शंकर चौधरी, भूमि राम और मनोज भगत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

वहीं बीडीओ ज्योति गामी, मंदिर न्यास समिति के प्रबंधक रिपु दमन, कोषाध्यक्ष दीलीप खंडेलवाल, सदस्य विजय कुमार सिंह, अमरनाथ ठाकुर उर्फ लाल बाबा, हरेंद्र मंडल, रोशन कुमार ठाकुर, योग नारायण मंडल, सत्येंद्र ठाकुर उर्फ बचनु बाबा, शंकर ठाकुर उर्फ रघु बाबा, विद्या ठाकुर, पाल बाबा, पवन बाबा, पंकज ठाकुर, लेखापाल राकेश श्रीवास्तव, विनोद यादव, मनोज ठाकुर, विवेक झा और अभिमन्यु कुमार सहित सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

बेलनौत की रस्म के साथ ही सिंहेश्वर में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां और तेज हो गई हैं। श्रद्धालु अब माता के आगमन और उनके दर्शन की प्रतीक्षा में पूरी श्रद्धा से जुटे हैं। भक्ति, परंपरा और सामूहिक आस्था से सराबोर इस आयोजन ने एक बार फिर सिंहेश्वर की धार्मिक संस्कृति और मां दुर्गा के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा को जीवंत कर दिया।

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