साफ चेतावनी—आवास योजना की राशि के लिए किसी को एक रुपया भी मत देना, पैसा मांगे तो तुरंत करें शिकायत
कोशी तक /सिंहेश्वर मधेपुरा :- प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी होने से पहले सिंहेश्वर नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर लगाम कसने की कवायद तेज हो गई है। लाभुकों से कथित तौर पर राशि लिए जाने की शिकायतों के बीच नगर पंचायत अध्यक्ष पूनम कुमारी खुद लाभुकों के दरवाजे तक पहुंचीं और उन्हें किसी भी बिचौलिये या जनप्रतिनिधि के झांसे में नहीं आने की सख्त हिदायत दी।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की ओर से मिलने वाली आवास योजना की राशि लाभुकों का अधिकार है। इस राशि को दिलाने के नाम पर किसी को भी एक रुपया देने की जरूरत नहीं है।
पहली किस्त के बाद उठे सवाल, अब दूसरी किस्त पर नजर
बताया जा रहा है कि पहली किस्त मिलने के बाद कुछ लाभुकों से कथित रूप से पैसे लिए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद दूसरी किस्त की प्रक्रिया शुरू होने से पहले अध्यक्ष की ओर से लाभुकों को जागरूक करने की यह पहल सामने आई है। अध्यक्ष के सीधे लाभुकों तक पहुंचने से योजना में कथित बिचौलियागिरी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अध्यक्ष पूनम कुमारी ने लाभुकों से कहा कि किसी पार्षद, बिचौलिये, कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है तो चुप न रहें। इसकी तत्काल जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
‘पैसा मांगने वालों से डरने की जरूरत नहीं’
अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत की जिम्मेदारी है कि पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिले। किसी भी लाभुक को योजना की राशि प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति को कमीशन या रिश्वत देने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आकर अपनी आवास योजना की राशि न दें और निर्माण कार्य में राशि का सही उपयोग करें।
शिकायतों की जांच पर टिकी नजर
हालांकि, पूर्व में लाभुकों से कथित रूप से पैसे लिए जाने के आरोपों की आधिकारिक जांच या कार्रवाई की स्थिति संबंधित विभाग की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में अब सवाल यह है कि यदि वास्तव में किसी लाभुक से योजना की राशि के बदले पैसे लिए गए हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?
दूसरी किस्त से पहले अध्यक्ष की यह पहल निश्चित रूप से लाभुकों को जागरूक करने की दिशा में अहम कदम है, लेकिन सरकारी योजना में कथित वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई ही पारदर्शिता के दावे की असली परीक्षा होगी।
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