छह महीने से सड़क के बीच खुला मौत का नाला, जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी!

सिंहेश्वर में टूटे ढक्कन और क्षतिग्रस्त नाले से रोज हादसे का खतरा, अंधेरे में गिरकर घायल हो रहे लोग


कोशी तक /सिंहेश्वर मधेपुरा:- सिंहेश्वर नगर पंचायत में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। नगर पंचायत के वार्ड 10 में नूरानी मस्जिद के समीप सड़क के बीच बना नाला पिछले करीब छह महीने से खुले मुंह हादसों को न्योता दे रहा है। नाले के कई ढक्कन टूट चुके हैं और कई जगह नाला खुद क्षतिग्रस्त है। बावजूद इसके नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

सबसे गंभीर स्थिति रात के समय बनती है। सड़क के बीचोंबीच खुले और टूटे नाले के कारण राहगीरों के लिए रास्ता खतरनाक हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार अंधेरे में कई लोग नाले में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।

जहां अफसर झंडा फहराने पहुंचते हैं, वहीं विकास की खुली पोल

नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह समस्या ऐसी जगह मौजूद है, जहां 15 अगस्त और 26 जनवरी को वरीय अधिकारी तहसील कचहरी में झंडोत्तोलन करने पहुंचते हैं। यानी जिस रास्ते और आसपास की व्यवस्था पर प्रशासन की नजर होनी चाहिए, वहीं सड़क के बीच टूटा और खुला नाला महीनों से अपनी बदहाली की कहानी कह रहा है।

सवाल यह है कि क्या अधिकारियों की नजर सिर्फ झंडोत्तोलन के दिन तक सीमित है? क्या आम लोगों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं प्रशासन की प्राथमिकता में नहीं हैं?

आंगनबाड़ी केंद्र के पास खुला नाला, मासूमों पर मंडरा रहा खतरा

स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है, जब इसी इलाके में आंगनबाड़ी केंद्र के पास नाले पर ढक्कन तक नहीं है। यहां पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे आते हैं। खुले नाले के आसपास बच्चों की आवाजाही के बीच किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई बच्चा खुले नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? हादसे के बाद मरम्मत कराने के बजाय उससे पहले सुरक्षा इंतजाम करना नगर पंचायत की जिम्मेदारी है।

शिकायतें पहुंचीं, लेकिन नाला जस का तस

स्थानीय लोगों के मुताबिक नाले की बदहाल स्थिति की जानकारी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को कई बार दी गई। शिकायतों के बावजूद छह महीने से टूटे ढक्कन और क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत नहीं कराई गई।

लोगों में अब इस बात को लेकर नाराजगी है कि जब नगर पंचायत को समस्या की जानकारी है, तो कार्रवाई के लिए किसी हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है?

पार्षद ने दी जानकारी, ईओ बोले—जांच कराएंगे

वार्ड पार्षद बजरंग कुमार ने बताया कि नाले की मरम्मत और टूटे ढक्कन को दुरुस्त कराने के लिए नगर पंचायत के अधिकारियों को जानकारी दी गई है।

वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी राजकुमार कुशवाहा ने कहा कि नाले की जांच कराई जाएगी और निर्माण एजेंसी के माध्यम से जल्द आवश्यक काम कराया जाएगा।

अब सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, कार्रवाई का है। छह महीने से टूटे ढक्कन और खुले नाले को लेकर यदि शिकायतों के बाद भी नगर पंचायत सक्रिय नहीं होती है, तो किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने का क्या फायदा? लोगों की मांग है कि खुले और क्षतिग्रस्त नाले को तत्काल दुरुस्त कराया जाए और आंगनबाड़ी केंद्र के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी मासूम या राहगीर की जान खतरे में न पड़े।

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