जीवीका दीदियों की आजिविका का साधन, डीएम ने किया उद्घाटन
कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- सिंहेश्वर प्रखंड के बेहरी पंचायत के वार्ड संख्या 9 में गुरुवार को सुधा बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने केंद्र का उद्घाटन करते हुए जीविका दीदियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराने से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
सुधा बिक्री केंद्र का संचालन सीता जीविका स्वयं सहायता समूह, रंगोली जीविका ग्राम संगठन एवं कुशल जीविका संकुल स्तरीय संघ से जुड़ी सदस्य प्रीति कुमारी द्वारा किया जाएगा। केंद्र के माध्यम से स्थानीय लोगों को सुधा के दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे, वहीं जीविका दीदी को आजीविका का एक नया साधन मिलेगा।
डीएम अभिषेक रंजन ने कहा कि सुधा बिक्री केंद्र का संचालन जीविका दीदियों के लिए आय बढ़ाने की एक नई गतिविधि है। इससे उन्हें नियमित आमदनी का अवसर मिलेगा और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। उन्होंने जीविका समूहों को संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने तथा आजीविका के नए अवसरों से जुड़ने पर जोर दिया।
जिला परियोजना प्रबंधक नील कमल चौधरी ने बताया कि जिले की सभी पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र खोलने की योजना है। इससे अधिक से अधिक जीविका दीदियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अब तक सुधा बिक्री केंद्र के लिए 149 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका आवश्यक प्रक्रिया के तहत निष्पादन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कोशी दुग्ध उत्पादक संघ के प्लांट प्रभारी कौशलेन्द्र कुमार, मार्केटिंग प्रभारी अमरजीत गांधी, मार्केटिंग से स्नेहा कुमारी, पर्यवेक्षक अनिमेष कुमार एवं अश्वनी कुमार तथा सुधा दुग्ध वितरक अमृतराज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जीविका की ओर से प्रबंधक संचार एवं युवा पेशेवर चंदन कुमार, पद्माकर मिश्र, प्रबंधक पशुधन उत्तम कुमार, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ रजत कुमार सहित प्रखंड के सभी कर्मी और बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित रहीं।
बीपीएम सिद्वार्थ रामन ने कहा सुधा बिक्री केंद्र जैसी पहल केवल दूध एवं दुग्ध उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पंचायत स्तर पर ऐसे केंद्रों का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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