पंचायत सरकार भवन के निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल, डीएम ने दो पिलर तुड़वाकर कराई जांच

पंचायत सरकार भवन निर्माण के गुणवत्ता पर सवाल 


कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- प्रखंड क्षेत्र की पटोरी पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर मिल रही शिकायतों पर बुधवार को जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने भवन निर्माण के विभिन्न कार्यों का जायजा लिया। निर्माण कार्य में लेवल और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उन्होंने मामले की तकनीकी जांच कराने का निर्देश संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी को दिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार से गुणवत्ता को लेकर जानकारी ली। इस पर ठेकेदार ने निर्माण स्थल से ग्रामीणों द्वारा सामान चोरी किए जाने की बात कही। उसने बताया कि निर्माण स्थल पर लगाया गया जेनरेटर भी उठाकर ले जाया गया है। ठेकेदार की बात सुनने के बाद डीएम ने पूछा कि क्या इस संबंध में सिंहेश्वर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। इस सवाल पर ठेकेदार कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।

इसी दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीण गौरव सिंह ने पंचायत सरकार भवन के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर डीएम से शिकायत की। ग्रामीण ने निर्माणाधीन पिलर में गिट्टी की जगह ईंट के चूरे के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए इसका वीडियो भी डीएम को दिखाया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में कई जगह निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण ने निर्माणाधीन पिलर को तुड़वाकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की, ताकि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

ग्रामीण की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मौके पर ही निर्माणाधीन पिलरों की जांच कराने का निर्देश दिया। इसके बाद दो पिलरों को तोड़कर उनकी जांच की गई। जांच के दौरान पिलरों में इस्तेमाल की गई ईंट की मजबूती भी मौके पर परखी गई। ईंट पर हाथ से प्रहार करने के बाद उसके टूटकर गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल और गहरा गया।

डीएम अभिषेक रंजन ने संबंधित अधिकारियों को पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंचायत सरकार भवन के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराने और जांच के बाद वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

डीएम के समक्ष ग्रामीण द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने और मौके पर ही दो पिलरों को तुड़वाकर जांच कराने की कार्रवाई के बाद पंचायत सरकार भवन का निर्माण चर्चा में आ गया है। अब तकनीकी जांच की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं।

मालुम हो की एक साल से 2 करोड़ 68 लाख की लागत से पटोरी में पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है। वही संवेदक जय किशोर सिंह ने बताया वहा लोग समान चुरा लेते हैं। स्टीमेट में फाइवर ब्लाक है। जबकि  अधिक मुल्य का लाल ईट लगा रहे हैं। 

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