अंतिम सोमवारी को लेकर सिंहेश्वर में प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

सिहेंश्वर में अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन अलर्ट 



कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:-  श्रावण की चौथी और अंतिम सोमवारी को बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर परिसर से लेकर शिवगंगा और शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों तक व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए नियंत्रण कक्ष के सामने से बैरिकेडिंग का विस्तार किया गया है, जिसे शिवगंगा पर पुरुष श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए चार कतार वाले बैरिकेडिंग से जोड़ दिया गया है। इससे शिवगंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रहेगी और मेडिकल कैंप तक आने-जाने में भी सुविधा होगी। महिला श्रद्धालुओं की कतार में भी दो अतिरिक्त कतार बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।

रात 12:30 बजे सरकारी पूजा, एक बजे खुलेगा बाबा का पट

श्रावण की अंतिम सोमवारी को होने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। रात 12:30 बजे सरकारी पूजा के बाद रात एक बजे से श्रद्धालुओं के लिए बाबा का पट खोल दिया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शीघ्र जलाभिषेक का अवसर मिल सकेगा।

शिवगंगा में एनडीआरएफ और गोताखोर तैनात

शिवगंगा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एनडीआरएफ की टीम नाव के साथ शिवगंगा में तैनात रहेगी। इसके अलावा निषादराज नौका विहार के प्रशिक्षित गोताखोर भी सोमवार को श्रद्धालुओं की सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगे।

सामाजिक संस्थाओं ने भी कसी कमर

श्रद्धालुओं की सेवा और भीड़ नियंत्रण में सामाजिक संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रशासन ने श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए फाउंडेशन और युवा संघ से अधिक संख्या में स्वयंसेवकों को तैनात करने की अपील की है।

श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित श्रावणी श्रद्धालु सेवा शिविर में एक एंबुलेंस, दो स्ट्रेचर, दो एमबीबीएस चिकित्सक, एक फिजियोथेरेपिस्ट और दो ग्रामीण चिकित्सकों के साथ करीब 150 फाउंडेशन सदस्य सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे। श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क शर्बत, ग्लूकोज पानी, गर्म पानी और दर्द निवारक स्प्रे सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। संस्था की ओर से 30 हजार लीटर से अधिक शर्बत वितरण की तैयारी पूरी कर ली गई है।

वहीं, भीड़ के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन की परेशानी न हो, इसके लिए नया सवेरा फाउंडेशन प्रत्येक सोमवार को महाभोग की व्यवस्था करता है। मंदिर परिसर में शनिवार को संचालित होने वाली अन्नपूर्णा रसोई की व्यवस्था भी अंतिम सोमवारी को श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बढ़ाई जाएगी। देर शाम तक महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी का वितरण किया जाएगा।

शहर में प्रवेश से पहले वाहनों को रोका जाएगा

अंतिम सोमवारी पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। दोपहिया वाहनों को छोड़कर विभिन्न मार्गों से आने वाले चारपहिया एवं अन्य वाहनों को सिंहेश्वर से पहले निर्धारित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था की गई है।

मधेपुरा की ओर से आने वाले वाहनों को नारियल विकास बोर्ड के पास, पीपरा और गम्हरिया की ओर से आने वाले वाहनों को दुर्गा चौक, जबकि शंकरपुर और कुमारखंड की ओर से आने वाले वाहनों को महावीर चौक और धनबाद गेट के पास बैरियर लगाकर रोका जाएगा।

प्रशासन का उद्देश्य अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन एवं जलाभिषेक की सुविधा उपलब्ध कराना है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल, एनडीआरएफ, गोताखोर और स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता पूरे दिन व्यवस्था संभालने में जुटे रहेंगे।

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