नया सवेरा फाउंडेशन बना श्रद्धालुओं का सहारा, अंतिम सोमवारी पर खिचड़ी महाप्रसाद का भव्य आयोजन
सावन की आखिरी और अंतिम सोमवारी…
सिंहेश्वर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है। दूर-दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे हैं।
लेकिन इस भीड़ के बीच एक तस्वीर ऐसी भी है, जो सेवा और इंसानियत की मिसाल पेश कर रही है।
नया सवेरा फाउंडेशन की ओर से लगातार पिछले तीन सोमवारी से श्रद्धालुओं के लिए पूरी-सब्जी और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वहीं आज अंतिम सोमवारी के मौके पर सुबह 8 बजे से खिचड़ी महाप्रसाद का महाभंडारा शुरू किया गया, जहां हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
फाउंडेशन की संस्थापक कोमल काव्या भगत का कहना है कि दूर-दराज से आने वाला श्रद्धालु कब घर से निकला, उसने खाना खाया भी है या नहीं—इन छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखना भी समाज सेवा का हिस्सा है।
उनका कहना है कि कोई श्रद्धालु भूखा या परेशान होकर वापस न लौटे, इसी सोच के साथ फाउंडेशन लगातार सेवा में जुटा है और आगे भी यह सेवा जारी रहेगी।
और बात सिर्फ भंडारे तक सीमित नहीं है…
नया सवेरा फाउंडेशन सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय है। जरूरतमंदों की शादी में सहयोग हो, बच्चों की पढ़ाई में मदद हो, इलाज में सहायता हो या फिर किसी अन्य जरूरतमंद की मदद—फाउंडेशन सेवा के काम को अपनी जिम्मेदारी मानकर आगे बढ़ रहा है।
आज जब हजारों श्रद्धालु खिचड़ी महाप्रसाद ग्रहण कर रहे हैं, तो यह तस्वीर सिर्फ एक भंडारे की नहीं है…
यह उस सोच की तस्वीर है, जहां आस्था के साथ इंसानियत भी दिखाई देती है।
बाबा के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करना शायद एक छोटी सी पहल लगे, लेकिन भूखे इंसान के लिए इससे बड़ी सेवा क्या हो सकती है?
नया सवेरा फाउंडेशन की इस पहल को श्रद्धालुओं की सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की एक सराहनीय मिसाल कहा जा सकता है।
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