नगर पंचायत सिंहेश्वर के ईओ राज कुमार कुशवाहा
कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी और जनता के लिए लाभकारी मानी जा रही “सहयोग शिविर” योजना को सिंहेश्वर नगर पंचायत में मजाक बनाकर रख दिया गया है। नगर पंचायत कार्यालय में 2 जून को आयोजित सहयोग शिविर को लेकर जिस तरह की लापरवाही और मनमानी सामने आई है, उसने कार्यपालक पदाधिकारी राजकुमार कुशवाहा की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हैरानी की बात यह है कि इतने महत्वपूर्ण शिविर की सूचना आम जनता को तो छोड़िए, नगर पंचायत अध्यक्ष तक को समय पर नहीं दी गई। आरोप है कि अध्यक्ष को शिविर की सूचना 2 जून की शाम 7 बजकर 49 मिनट पर दी गई। वह भी तब, जब स्थानीय विधायक डॉ. रमेश ऋषिदेव अचानक सहयोग शिविर में पहुंच गए और वहां की अव्यवस्था देखकर नाराजगी जताई।
विधायक के पहुंचते ही नगर पंचायत प्रशासन की पोल खुल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने कार्यपालक पदाधिकारी पर मनमानी करने, सूचना छिपाने और शिविर का प्रचार-प्रसार नहीं कराने का आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के बजाय नगर पंचायत में सबकुछ बंद कमरे में चल रहा है।
बैठक में लोगों ने करोड़ों रुपये से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के लंबे समय से खराब पड़े रहने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही नगर पंचायत के लिए खरीदे गए करोड़ों के कूड़ा दान आखिर कहां हैं, यह सवाल भी गूंजता रहा। लोगों ने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं में भारी गड़बड़ी और लूट चल रही है।
वार्ड पार्षदों ने भी कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह दलालों से घिरे रहते हैं और जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज करते हैं। बाजार क्षेत्र के अमीन धनंजय झा के खिलाफ लगातार शिकायत मिलने के बाद बैठक में उसे हटाने का निर्णय लिया गया था। नगर पंचायत अध्यक्ष ने अपने लेटर पैड पर लिखकर अमीन को हटाने की अनुशंसा भी की, लेकिन आरोप है कि कार्यपालक पदाधिकारी ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर पंचायत अध्यक्ष की ही बात नहीं सुनी जा रही है, तो आम जनता की शिकायतों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों ने नगर पंचायत में चल रही योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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