कर्मचारियों और भोग राग के भुगतान में नही चलेगा देरी, 1 से 10 तक करना होगा भुगतान।


मंदिर में विकास का योजनाओं ने पकड़ी गति 


कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- सदियों पुरानी आस्था के केंद्र बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर के विकास और पूजा-पाठ की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मंदिर न्यास समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पहली बार आयोजित विस्तृत समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग से चल रहे विकास कार्यों से अलग पूजा सामग्री, भोग-राग, आरती व्यवस्था और मंदिर सौंदर्यीकरण को लेकर गंभीर चिंतन करते हुए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि मंदिर की पारंपरिक गरिमा और धार्मिक वातावरण को पुनर्स्थापित किया जाएगा, ताकि आरती के समय एक बार फिर श्रद्धालु स्वतः मंदिर की ओर आकर्षित हों।
बाबा के भोग और आरती की व्यवस्था होगी सुदृढ़
बैठक में बाबा सिंहेश्वर नाथ के भोग एवं पूजा-पाठ के लिए आवश्यक सामग्रियों की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके तहत पीतल का परात, कांसे की थालियां और कटोरे, नौमुखी आरती, चामर, तांबे और पीतल के बड़े लोटे, नगाड़ा, डमरू, शंख, विजय घंट, शालिग्राम भगवान के लिए विशेष बक्सा, भागलपुरी चादर तथा विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों के लिए नए वस्त्र खरीदे जाएंगे।
शिवलिंग पर चढ़ेगा चांदी का कवच
वर्षों से लंबित बाबा सिंहेश्वर नाथ के शिवलिंग पर चांदी का कवच लगाने की योजना को अब अमलीजामा पहनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कुशल कारीगरों से डिजाइन तैयार कराकर न्यास समिति की स्वीकृति के बाद शीघ्र कवच निर्माण और स्थापना कराने का निर्देश दिया।
न्यास परिसर में बनेगा फूलों का भव्य बगीचा
मंदिर में प्रतिदिन पूजा के लिए फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु न्यास परिसर स्थित जर्जर पुराने कार्यालय भवन को हटाकर वहां आकर्षक फूलों का उद्यान विकसित किया जाएगा। डीएम ने इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए अविलंब शुरू कराने का निर्देश दिया।
भोग-राग और कर्मचारियों के भुगतान में नहीं होगी देरी
बैठक में यह भी तय किया गया कि मंदिर के भोग-राग, गैस, कर्मचारियों के वेतन, कार्यालय एवं मंदिर रखरखाव तथा जेनरेटर डीजल आदि से जुड़े सभी भुगतान प्रत्येक माह की 1 से 10 तारीख के बीच हर हाल में किए जाएंगे। इसके लिए नियमित संचिका संचालन की व्यवस्था लागू की जाएगी।
श्रावण से पहले बिछेगा 2250 फीट कार्पेट
श्रावणी मेले और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में 2250 रनिंग फीट कार्पेट खरीदने का निर्णय लिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
मवेशी हाट का भी होगा कायाकल्प
करोड़ों रुपये के राजस्व का स्रोत मवेशी हाट भी विकास की नई राह पर बढ़ेगा। बैठक में पशुओं के लिए शेड और नाद, जबकि व्यापारियों के लिए विश्रामालय एवं कार्यालय भवन के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके लिए पर्यटन विभाग से योजना तैयार कराकर निर्माण कराने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की पहल से सिंहेश्वर मंदिर और मवेशी हाट दोनों के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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