ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में कार्यपालक सहायक की मौत, मुआवजे और अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर एनएच जाम

 मृतक का शव एनएच 106 पर रख कर जाम करते ग्रामीण प्रशासन के द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते 


कोशी तक / सिंहेश्वर मधेपुरा:- सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़हरी के समीप बुधवार शाम ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल गिद्धा वार्ड नंबर 2 निवासी कमरगामा के कार्यपालक सहायक राजू सरदार की नेपाल न्यूरो ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन देर रात से ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुटने लगे। शव पहुंचते ही लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जाम की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सीओ नवीन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

वरीय अधिकारियों को दी गई सूचना

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जाम की सूचना तत्काल एसडीएम संतोष कुमार और एएसपी प्रवेंद्र भारती को दी। सूचना मिलते ही एसडीएम और एएसपी घटनास्थल पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा मिलने वाली सभी सहायता मृतक के परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बावजूद ग्रामीण डीएम को बुलाने और लिखित आश्वासन की मांग पर डटे रहे। बाद में बीडीओ ज्योति गामी भी मौके पर पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।

ये थी ग्रामीणों की मांग

मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की मांग थी कि राजू सरदार की पत्नी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए, ताकि उनके दो बेटों और दो बेटियों का पालन-पोषण हो सके। लोगों का कहना था कि राजू सरदार की मौत ड्यूटी के दौरान हुई है, इसलिए सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं और मुआवजा परिवार को दिया जाना चाहिए।

बताया गया कि घटना से पहले राजू सरदार मनरेगा के तहत लगाए गए पौधों की स्थिति का सर्वे करने गए थे। उन्हें यह जानकारी जुटानी थी कि कितने पौधे जीवित हैं और कितने सूख चुके हैं।

साथी कर्मियों ने जताई नाराजगी

मृतक के साथ कार्य कर रहे अन्य कार्यपालक सहायकों ने सरकार पर संविदा कर्मियों से अत्यधिक काम लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राजू सरदार कमरगामा पंचायत में कार्यपालक सहायक के पद पर कार्यरत थे, लेकिन उनसे कई विभागों का कार्य कराया जाता था। संविदा कर्मियों को सुबह से देर रात तक काम करना पड़ता है, जबकि सुविधाएं और सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं मिलता।

रणक्षेत्र में तब्दील हुआ जाम स्थल

काफी देर तक समझाने के बावजूद जाम समाप्त नहीं होने पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई। डीएसपी ट्रैफिक चेतानंद झा सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और चारों ओर से जाम स्थल को घेर लिया। पुलिस की बढ़ती दबिश और चेतावनी के बाद धीरे-धीरे लोग हटने लगे। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

इस हादसे में तीन अन्य लोग रूपौली पंचायत के सतोखर निवासी 45 वर्षिय सुरेंद्र शर्मा, 28 वर्षिय पप्पू शर्मा और एक बच्चा भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज सिंहेश्वर मधेपुरा में चल रहा है।

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