सीएचसी में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मुख्य गेट पर तालाबंदी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

 लंबित मांगों को लेकर सीएचसी में धरना प्रदर्शन करते आशा कार्यकर्ता 


कोशी तक/ मुरलीगंज मधेपुरा:- मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार की सुबह आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ नारेबाजी की।

आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से उनकी प्रोत्साहन राशि और इंसेंटिव का भुगतान लंबित है। बार-बार आवेदन और विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार सत्र 2023-24 की लगभग 70 से 80 प्रतिशत आशा एवं फैसिलिटेटर का प्रोत्साहन भुगतान अब तक लंबित है।

उन्होंने बताया कि जनवरी, फरवरी और मार्च सहित कई महीनों की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को प्रतिमाह 1000 रुपये इंसेंटिव देने का प्रावधान है, लेकिन मार्च 2025 में केवल कुछ को ही भुगतान मिला, जबकि अन्य वंचित रह गए। साथ ही जून 2025 की राज्य राशि और नवंबर 2023 से जनवरी 2026 तक का इंसेंटिव भी लंबित बताया गया।

धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी करीब पांच घंटे तक जारी रही, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, हालांकि आपातकालीन मरीजों को किसी तरह अंदर जाने दिया जा रहा था। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को भी कुछ समय के लिए अस्पताल के बाहर ही रोक दिया।

सूचना मिलने पर मुरलीगंज थानाध्यक्ष अजीत कुमार और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी शैलजा कुमारी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट का ताला खोल दिया और स्थिति सामान्य हुई।

मुरलीगंज से अंशु भगत

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