कोशी तक / सिंहेश्वर मधेपुरा:- मधेपुरा की पावन धरती बाबा सिंहेश्वरनाथ की सुरक्षित विधानसभा सीट से जदयू प्रत्याशी डा. रमेश ऋषिदेव ने हार के बाद इस बार चौथी जीत दर्ज की है। इस बार उन्होंने पुर्व प्रतिद्वंद्वी राजद उम्मीदवार चंद्रहास चौपाल को 2982 मतों से हराकर 2020 के हार का बदला तो ले लिया। लेकिन जीत की मारजीन ने अपनी जीत पर समीक्षा का भी रास्ता खोल दिया है। जीत के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह जनता की जीत है और बिहार के विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों पर जनता ने भरोसा दिखाया है।
उन्होंने कहा कि एनडीए को मिला प्रचंड जनादेश सरकार के अच्छे कार्यों का परिणाम है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम किया है। राजद प्रत्याशी द्वारा रिकाउंटिंग की मांग पर उन्होंने कहा कि वह सोया हुआ था। जब नींद खुली तब सर्टिफिकेट लेने मतगणना केंद्र पहुंच गया।
रमेश ऋषिदेव 2005 में पहली बार कुमारखंड सीट से जदयू से विधायक बने थे।
दरअसल, रमेश ऋषिदेव 2005 में पहली बार कुमारखंड सीट से जदयू से विधायक बने थे। इसके बाद परिसीमन के बाद 2010 और 2015 में सिंहेश्वर विधानसभा से विधायक बने। वे बिहार सरकार में दो बार मंत्री भी बने। 2020 में राजद के चंद्रहास चौपाल से हार गया था। रमेश ऋषिदेव पीएस कॉलेज में सहायक प्राध्यापक हैं।
राजद प्रत्याशी ने रिकाउंटिंग की मांग की, प्रशासन का इनकार
उधर, परिणाम घोषित होने के बाद राजद प्रत्याशी चंद्रहास चौपाल ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए रिकाउंटिंग की मांग की थी, जिसे प्रशासन ने इनकार कर दिया। चौपाल का आरोप है कि अंतिम राउंड में मतों की गिनती में गड़बड़ी की गई।
मतगणना प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की
उनके अनुसार वह लगभग 900 वोट से पीछे चल रहा था, बाद में बताया गया कि वह 2800 वोट से पीछे है। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सिंहेश्वर थानाध्यक्ष ने सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें बाहर जाने को कहा, जिसके बाद वे मतगणना केंद्र से बाहर हो गए। चौपाल ने आरोप लगाया कि अधिकारी रिकाउंटिंग के मामले में टालमटोल कर रहे हैं, जबकि यह उनका मौलिक अधिकार है।राजद उम्मीदवार ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है। यहां चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहनी चाहिए। ईवीएम सेटिंग से पूरे बिहार में अन्याय हुआ है। कई जगह रिकाउंटिंग के बाद हमारे उम्मीदवार जीते हैं, इसलिए सिंहेश्वर में भी मांग पर विचार होना चाहिए।

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