राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पर वंदेमातरम राष्ट्रीय गीत गाते स्वास्थ्य कर्मी
कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें वंदेमातरम गीत
सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम् मातरम् ।
वन्दे मातरम् ।। १।।
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्, फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्, सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम् ।। २।।
कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि भुजैधृत खरकरवाले, के बॉले माँ तुमि अबले, बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्, रिपुदलवारिणीं मातरम्। वन्दे मातरम् ।। ३।।
तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म, त्वम् हि प्राणाः शरीरे, बाहुते तुमि माँ शक्ति, हृदये तुमि माँ भक्ति, तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे-मन्दिरे। वन्दे मातरम् ।। ४।।
त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी, कमला कमलदलविहारिणी, वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्, सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम् ।। ५।।
श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्, धरणीम् भरणीम् मातरम्। वन्दे मातरम् ।। ६।। गाया गया।
जिसमें अधीक्षक डा. नगीना चौधरी ने कहा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस गीत का इतिहास और कहानी बेहद रोचक है। यह कोई साधारण गीत नहीं है बल्कि ऐसा संकल्प है जिसने अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंध रखने वाले इस गीत को आज 150 साल पूरे होने पर 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
उपाधीक्षक डॉक्टर प्रिय रंजन भास्कर ने कहा देश वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस राष्ट्रीय गीत में एकता और राष्ट्रीय गौरव की स्थायी विरासत का भाव निहित है। मौके पर डा. अंजनी कुमार, डा. अभय कुमार और सभी परिचारिका श्रेणी ए अस्पताल कर्मचारी, गार्ड लोगों ने इस समारोह में भाग लेकर वंदे मातरम गीत गाया।
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