कोशी तक/सिंहेश्वर मधेपुरा:- जिला का सबसे चर्चित और बिहार के आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर स्थित शिवगंगा पर छठ पर्व की छटा देखते ही बनती है। वही इस बार सोमवार को न्यास की साफ सफाई की व्यवस्था की धज्जियां उस समय उड़ती रही जब संध्या अर्घ्य देकर छठव्रती घर चले गए। और प्रतिमा सिंह धर्मशाला से मलमुत्र युक्त पानी के अचानक बहाव से घाट पर रखा सूप भीगने लगा। पानी की तेज दुर्गंध घाट पर छठ पर रतजगा कर रहे लोगों को पता चला तो अफरा तफरी मच गया। और छठ पुजा का सूप उस दुर्गन्धित पानी से भीगने के कारण लोग आक्रोशित हो गए। मालुम हो कि शिव गंगा पर पुरी रात सूप रहता है। इसकी जानकारी लोगों ने नगर पंचायत सिंहेश्वर के अध्यक्ष को दिया। नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने स्थल पर पहुंच कर न्यास प्रबंधक और सदस्यों को दी। कोषाध्यक्ष दिलीप खंडेलवाल ने स्थल पर पहुंच कर गंदे पानी के बहाव को रोकने की कवायद शुरू करवाई। लेकिन खबर लिखे जाने तक लोगों में आस्था के साथ खिलवाड़ को लेकर आक्रोष देखा गया। वही इसकी जानकारी मिलते ही न्यास सदस्य विजय कुमार सिंह शिवगंगा पहुंच कर मामले की जानकारी ली। और बताया की गंदा पानी निकलना बंद हो गया है। छठ के बाद पानी शिवगंगा में कैसे आ रहा है इसकी जानकारी लिया जाएगा।
आग लगने से जल कर राख हुआ बिजली व्यवस्था
न्यास के मीटर में लगा आग मची अफरातफरी।
सिंहेश्वर मंदिर की विधि व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। प्रतिमा सिंह धर्मशाला में उस समय अफरातफरी मच गई। जब प्रतिमा सिंह धर्मशाला के मीटर में आग लग गई। मीटर के पास का पुरा तार जल कर राख हो गया। गनीमत रही की आग पर लोगो ने जल्द ही काबू कर लिया कोई बड़ी घटना नही घटी। इस तरह की घटना को लेकर न्यास सवालों के कठघरे में रहता है। मालूम हो कि डीएम तरनजोत सिंह ने भी सभी वायरिंग को दुरुस्त कर बिजली विभाग से प्रमाण पत्र लेने का आदेश दिया था। साथ ही छठ घाट पर रोशनी की व्यवस्था को लेकर भी लोगों का आक्रोश दिखा। पुरे शिवगंगा पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश के बाबजूद कई जगहों पर अंधेरा था। इस बार इस तरह की त्रुटि न्यास के व्यवस्था का पौल खोलता है। मौके पर प्रबंधक भवेस कुमार, कोषाध्यक्ष दिलिप खंडेलवाल, रोशन ठाकुर, हरेंद्र मंडल, अभिमन्यु कुमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवचंद चौधरी, पंकज भगत, अखलेश सिंह, मनोज भगत, सहित कई लोग मौजूद थे।

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