राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने धुमधाम से शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया।

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शरद पूर्णिमा उत्सव धूमधाम से मनाया 



कोशी तक/ सिंहेश्वर मधेपुरा:- संघ के शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सिंहेश्वर में 6 विषेश पर्व में से एक पर्व शरद पुर्णिमा उत्सव काफी धूमधाम से स्वंय सेवक मुकुल वर्मा के आवासिय परिसर में मनाया गया। जिसमें सैकड़ो स्वयं सेवकों ने भाग लिया। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ उत्तर बिहार के प्रांत संगठन मंत्री लख्खी जी का ओजस्वी बौध्दिक हुआ। जिसमें उन्होंने कहा  शरद पूर्णिमा में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होते हैं। और इस दिन चंद्रमा की रोशनी अमृत के समान होती है। शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में खीर रखने की परंपरा है। जिसमें शरद पूर्णिमा, चंद्र देव और भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है। साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष पुरा होने को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा राष्ट निमार्ण के लिए 7 बिंदुओं पर कार्य करने की जानकारी दी।  जिससे इस 27 सितंबर 2025 से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। जिसमें 27 सितंबर से 15 अक्टूबर तक गणवेश में विजयदशमी उत्सव, 22 नवंबर से 14 दिसंबर तक व्यापक गृह संपर्क, 14 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक हिंदू सम्मेलन, 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक सामाजिक सद्भाव बैठक, 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रमुख नागरिक संगोष्ठी, 25 जून से 25 जुलाई 2026 तक युवाओं के बीच कार्यक्रम, 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक अधिकतम स्थान पर शाखा लगाने का कार्यक्रम रखा गया है। चांद की चांदनी से अमृत युक्त खीर का पान करते स्वयं सेवक 

 साथ ही राष्ट्र के हीत में पंच परिवर्तन पर कार्य करने का अहवान किया। जिसके कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्त्तव्य, स्वदेशी का भाव, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता के बारे में विस्तार से समझाया। कुटुंब प्रबोधन में बताया की रात्री भोजन परिवार में एक साथ करे। कम से कम सप्ताह में एक दिन पुरा परिवार मिलकर भोजन करे। वही नागरिक कर्तव्य के बारे में बताया कि कानुन का पालन करते हुए समाज में सेवा का भाव रखे। महिलाओं को परेशान करने वाले और वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा को ध्यान में रखना है। वही स्वदेशी का भाव पर बताया की अपने आस पास और देश में निर्मित सामग्री का उपयोग दैनिक जीवन में करने का काम करना है। पर्यावरण पर बताया की ग्लोबल वार्मिंग के कारण वातावरण परिवर्तन को रोकने और जीवन संरक्षण के लिए पेड़ और पौधे लगाने और उसकी हिफाजत करने की सलाह दी। साथ ही जमीन के उर्वरा पर संकट बनने वाला प्लास्टिक का विरोध करे। जुट का थैला अपनाने की सलाह दी। समाजिक समरसता पर बताया की जाति भेदभाव नही हो, छुआछूत और ऊंच-नीच का भेद भाव रखना धर्म के अनुसार महापाप है। मौके पर जिला मुख्य मार्ग प्रमुख संजीव भगत, खंड कारवाह सोनू आजाद, खंड शारिरिक प्रमुख विनोद दास, व्यवस्था प्रमुख ब्रजराज उर्फ गुड्डू, सेवा प्रमुख संजीव पौदार, सह संपर्क प्रमुख संजय ठाकुर, मुख्य शिक्षक दीपांकर झा, आदित्य कुमार, संजीव शर्मा, मनोज गुप्ता, डा. जयप्रकाश भगत, पुरुषोत्तम अग्रवाल, सत्यनारायण यादव, विष्णु खंडेलवाल, झींकू शर्मा, संजय कुमार, राजु कुमार, हरिओम चौधरी, चंदन सिंह, सुमित सिंह, अंजीत कुमार सिंह, रंजीत कुमार सिंह, रंजय ठाकुर, संतोष गुप्ता, अनुराग भगत, गणेश गुप्ता, सुमन भगत, गोलु कुमार, नवनीत कुमार सिंह, आशुतोष कुमार सिंह, अजय मंडल, बीजेपी जिला उपाध्यक्ष अभिषेक साह, नगर मंडल अध्यक्ष बिष्णु शर्मा, मंडल अध्यक्ष संतोष मल्लिक, रजनी कांत सिंह, उदय कुमार, हिमांशु कुमार, सहित सैकड़ों स्वयं सेवक मौजूद थे।

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