कोशीतक/ सिंहेश्वर मधेपुरा
भादव की अंतिम रविवार को 1 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा सिंहेश्वर नाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान बाबा सिंहेश्वर नाथ के परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओ भीड़ लगी रही। रविवार को भीड़ का अनुमान को देखते हुए लगभग 5 बजे सरकारी पुजा के बाद मंदिर का पट खोल दिया। सुबह 7 बजे तक समान्य भीड़ के बाद अचानक ही श्रद्धालुओं का भीड़ के कारण कतार लगने लगी। हालांकि 7 बजे से 4 बजे तक भीड़ एक रंग बढती ही रही। हालांकि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल नही दिखाई दे रही थी। एनसीसी के बच्चे और मंदिर के सुरक्षा गार्ड लगातार भीड़ को संभालने का असफल प्रयास करते रहे। मंदिर में नियंत्रण कक्ष छोड़कर कही मजिस्ट्रेट भी नजर नही आ रहा था।
शिवगंगा पर दुर्घटना से निपटने तैनात गोताखोर की टीम
बाबा की कृपा नही हुई अनहोनी
जिस तरह की भीड़ मंदिर में उमड़ी और सुरक्षा व्यवस्था में कही कोई पुलिस कर्मी और पदाधिकारी नजर नही आए और पाकेटमारी के अलावा बाबा की कृपा से कोई बड़ी घटना नही हुई। हालांकि शिवगंगा पर स्नान करने वालो की भीड़ को देखते हुए शिवगंगा में मोटर के साथ गोताखोर की टीम मौजूद थी।
मंगलसूत्र को चोरी होने पर रोती महिला श्रद्धालु
2 दर्जन से अधिक श्रद्धालु हुए छिनतई के शिकार।
भादव के अंतिम रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ का सबसे ज्यादा लाभ पाकेटमार को हुआ। इस दौरान 2 दर्जन है अधिक श्रद्धालुओं का मोबाइल, पर्स, और चेन कर पाकेट मारों ने हमला किया। और मंदिर परिसर में परेशानी के साथ घुमते रहे। उसकी सुधी लेने वाला भी कोई नही था। जिसमें मधेपुरा वार्ड नंबर 24 निवासी अभिजीत कुमार अपनी साली शिवानी कुमारी के साथ पुजा करने आए थे। गर्भगृह में घुसने से पहले ही 3 महिलाओं ने उसका चेन साफ कर दिया। नियंत्रण कक्ष में रो रो कर उसका बुरा हाल था। सुपौल जिला के लोकहा पंचायत के कजहा वार्ड नंबर 15 निवासी का पर्स जिसमें 1700 रूपया और गाड़ी का आनर बुक, आधार कार्ड था। सुनसहरी नेपाल गढी नेपाल के अजय मंडल ने बताया की मेरा पर्स चोरी हो गया जिसमें एटीएम कार्ड और था। पैसा जेब में था इसलिए बच गया। सुपौल जिला के किशनपुर नमनवा वार्ड नंबर 8 निवासी श्याम कुमार ने बताया की उसका सैमसंग ए 14 मोबाइल जेब से निकाल लिया।


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